मथुरा के वृंदावन के निर्माणाधीन चंद्रोदय मंदिर से 16 फरवरी की रात में चोरी हुई चांदी निर्मित दो अनंत शेषनाग की प्रतिमाएं पुलिस ने बरामद कर ली हैं। ये प्रतिमाएं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों स्थापित की गई थीं। पुलिस ने चोरी के आरोप में तीन मजदूर और सुरक्षा सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सुपरवाइजर ने प्रतिमाएं चोरी कराई थीं।
16 नवंबर 2014 को वृंदावन में चंद्रोदय मंदिर के स्थापना समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आए थे। उन्होंने यहां चांदी की150-150 ग्राम वजन की दो अनंत शेषनाग की प्रतिमाएं निर्माण स्थल के पिलर के स्थान पर स्थापित की थीं। 16 फरवरी 2016 की रात को पिलर गिराकर उन प्रतिमाओं को चोरी कर लिया गया। मामले में बलभद्र कृपादास कर्नल वीपी शाही ने वृंदावन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और सीओ सदर आरके गौतम के नेतृत्व में 18 लोगों से पूछताछ की गई। सुरक्षा सुपरवाइजर विनय से पूछताछ के बाद पूरा मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार विनय ने मजदूर तोता, महेश और हरस्वरूप के नाम लिए। इन लोगों ने चोरी की बात कबूल की। इनकी निशानदेही पर दोनों प्रतिमा दीवार के पीछे झाड़ियों से बरामद कर ली गईं।
एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा सुपरवाइजर ने ही तीनों मजदूरों को पिलर के नींचे सोने के शेषनाग दबे होने की जानकारी दी थी और चोरी के दौरान खुद सुरक्षा में तैनात रहा। मामले के खुलासे पर एसएसपी ने टीम को 5000 और डीआईजी की ओर से 10000 रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।