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PM मोदी ने वाराणसी को दी ये सौगात

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पीएम नरेंद्र मोदी वाराणसी में विकास योजनाओं को लागू करने में थोड़ा भी वक्त गंवाना नहीं चाहते। उन्होंने वाराणसी शहर के विकास के लिए लंबी-चौड़ी योजना तैयार करवाई है और यहां के घरों में पाइप के जरिये रसोई गैस (पीएनजी) पहुंचाने पर उनका खासा जोर है।
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बनारस के घाटों और गंगा सफाई योजना समेत शहरी विकास की विस्तृत योजनाओं के अलावा शहर में अच्छी सड़कें और फ्लाईओवरों का भी जाल बिछेगा। शुरुआती चरण में वाराणसी के साथ इलाहाबाद, गोरखपुर, पटना, जमशेदपुर, बोकारो, हावड़ा और दुर्गापुर में भी पीएनजी की सप्लाई की जाएगी।

7600 करोड़ होंगे खर्च!

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आला सूत्रों के मुताबिक मोदी वाराणसी के लोगों को पीएनजी देने के लिए गेल के शीर्ष प्रबंधन को योजना का खाका तैयार करने का संकेत दे चुके हैं।

समझा जाता है कि मंत्रालय और गेल के अधिकारियों के बीच पाइपलाइन बिछाने के साजो-सामान का आकलन करने की शुरुआती बैठक हो चुकी है। बैठक में इस पाइपलाइन में गैस सप्लाई करने की जगह और शहर में डिस्ट्रीब्यूशन की रणनीति पर भी चर्चा हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक गेल पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि वह उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर और पश्चिम बंगाल के हल्दिया के बीच गैस पाइपलाइन बिछा सकती है। इस प्रोजेक्ट पर वह 7600 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

यूपीए सरकार की योजना?

इस गैस पाइपलाइन की वजह से उत्तर भारत के राज्यों में मौजूदा बंद पड़े तीन फर्टिलाइजर प्लांट को भी जीवनदान मिल जाएगा। साथ ही गेल वाराणसी समेत कम से कम पांच शहरों को पीएनजी मुहैया करा देगी।

केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय को भी इस परियोजना का साथ देने को कहा गया है। दरअसल यूपीए सरकार ने ही जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन को मंजूरी दी थी। लेकिन गेल ने उस समय इस पर काम करने में दिलचस्पी नहीं जताई थी।

कंपनी का मानना था यह उसके लिए घाटे का सौदा साबित होगी। उसकी नजर में गैस खरीदने वालों की कमी की वजह से उसका भारी निवेश डूब जाएगा। अब यह लग रहा है कि इस परियोजना का दायरा बढ़ा कर इसे शहरों और उत्तर प्रदेश के फर्टिलाइजर संयंत्रों से जोड़ दिया जाए।

नहीं होगी रसोई गैस की किल्लत

उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल के उस इलाके के भी रासायनिक खाद संयंत्रों को इससे जोड़ा जा सकता है, जहां से पाइपलाइन गुजरेगी।

पाइपलाइन उत्तर प्रदेश, बिहार, झारख़ंड और पश्चिम बंगाल यानी चार राज्यों की अर्थव्यवस्था और कृषि विकास को नई रफ्तार दे सकेगी। साथ ही यह इलाके में रसोई गैस की किल्लत भी नहीं  होने देगी।

वाराणसी के  लिए बेहद अहम एक और परियोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत वाराणसी तक पहुंचने वाली सड़कों के अलावा शहर के अंदर की तमाम सड़कों को दुरुस्त करने की जोरदार कवायद शुरू होगी।
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फ्लाईओवरों का जाल

वाराणसी में फ्लाईओवरों का भी जाल बिछेगा। इनमें गंगा के दोनों किनारों को जोड़ने वाला फ्लाईओवर भी अहम होगा। वाराणसी के विकास की इन तमाम कवायदों के बीच एक और अहम कदम उठाया गया है।

ऑनलाइन कैंपेन के जरिये लोगों से पूछा जा रहा है कि कैसे यह शहर देश के सबसे अच्छे शहरों में शामिल हो सकता है। एक आला अधिकारी ने कहा कि इस तरह लोगों में भागीदारी का अहसास पैदा करने की कोशिश हो रही है।

वाराणसी के लोगों को यह जताया जा रहा है उनके शहर की विकास परियोजनाओं के लिए उनकी भी राय मायने रखती है।
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