प्रधानमंत्री कार्यालय की विशेष निगरानी में वाराणसी को स्मार्ट सिटी के रूप में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए पांच साल की समय सीमा तय की गई है। जबकि अगले तीन साल में शहर के सौंदर्यीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा।
शहरी विकास मंत्रालय ने इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। लेकिन इस पर अंतिम निर्णय पीएमओ का होगा। उम्मीद की जा रही है कि मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण को इस माह कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
सूत्रों के मुताबिक वाराणसी को संवारने के एजेंडे पर पीएमओ से विशेष मदद ली जा रही है। स्मार्ट सिटी के रूप में इस ऐतिहासिक शहर को बदलने की प्रक्रिया पर पीएमओ की पूरी निगरानी भी रहेगी।
बताया जा रहा है कि पीएमओ के निर्देश पर ही पांच साल में वाराणसी को स्मार्ट सिटी के रूप में पेश करने की तैयारी है। इसके लिए निजी क्षेत्र से भी काफी हद तक मदद ली जाएगी।