प्रधानमंत्री के मुजफ्फरनगर के दंगाग्रस्त इलाकों के दौरे की भाजपा ने कड़ी आलोचना की है।
पार्टी ने कहा कि इस हिंसा के काफी दिनों बाद प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह, ‘सुपर पीएम’ व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के ‘युवराज’ उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस का यह कुनबा वोट बैंक के लिए ‘सेक्युलर टूरिज्म’ पर मुजफ्फरनगर गया था।
भाजपा ने कहा कि केंद्र सरकार को दंगों के लिए जिम्मेदार उत्तर प्रदेश की सपा सरकार को बर्खास्त करना चाहिए।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने आरोप लगाया कि इन दंगों के लिए उत्तर प्रदेश की सपा सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने दंगों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करके न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
नकवी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की यह यात्रा वास्तव में सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष सवारी के समान है। यह चिंता का विषय है। प्रधानमंत्री के साथ सोनिया व राहुल गांधी और उनके ‘चंगुओं-मंगुओं’ के इस सेक्युलर पर्यटन ने दंगा प्रभावित लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने की बजाय नमक छिड़कने का काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दंगों के दौरान सौहार्द बनाने के लिए मुजफ्फरनगर जाने वाले भाजपा नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। मगर अब कांग्रेस नेताओं को वहां तमाशे के रूप में जाने दिया।
नकवी ने कहा कि यदि आज किसी भाजपा शासित राज्य में मुजफ्फरनगर से 10 फीसदी से भी कम दंगा हुआ होता तो कांग्रेस ने शोर मचा-मचाकर सारे देश को सिर पर उठा लिया होता।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के शासन के दौरान मेरठ, मलियाना, वाराणसी और अलीगढ़ समेत कई शहरों में भयंकर दंगे हुए, लेकिन मुजफ्फरनगर दंगों से जिस पैमाने का पलायन और खौफ पैदा हुआ है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि केन्द्र की नाक और यूपी सरकार की आंख के नीचे सपा शासन के प्रायोजित दंगों का खेल चलता रहा और यूपीए सरकार कार्रवाई करने की बजाय प्रदेश सरकार को बचाने और आश्रय देने का काम करती रही है।