नियंत्रण रेखा पर भारतीय जवान का सिर काटे जाने की घटना पर भारत का रुख मंगलवार को और कड़ा हो गया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दो टूक कह दिया कि इस बर्बर घटना के बाद पाकिस्तान के साथ रिश्ते पहले जैसे नहीं रह सकते। प्रधानमंत्री ने पाक को यह स्पष्ट संदेश भी दे दिया है कि सीजफायर का उल्लंघन कर सैनिकों की हत्या के बाद सिर काटने पर सबसे पहले वह अपनी गलती माने। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई करे।
भारत ने पाकिस्तान के साथ 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वीजा ऑन एराइवल करार को टालने और इंडियन हॉकी लीग में खेलने आए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वापस भेजने का फैसला कर अपने सख्त तेवरों को जाहिर भी कर दिया है। पाकिस्तानी महिला क्रिकेट टीम के भी अब विश्वकप खेलने भारत आने पर संशय के बादल घिर गए हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ प्रधानमंत्री के कड़े रुख के साथ ही भारत-पाक शांति वार्ता की प्रक्रिया के खटाई में पड़ने के आसार बढ़ गए हैं। इस महीने भारत और पाक के वाणिज्य मंत्रियों की प्रस्तावित बैठक पर भी संकट गहरा गया है। एलओसी पर शहीद हेमराज का सिर काटे जाने की पाक सेना की करतूत पर देशभर में भड़के जनाक्रोश और राजनीतिक विरोध को देखते हुए प्रधानमंत्री ने मंगलवार को अपनी चुप्पी तोड़ी।
बार-बार इनकार अब नहीं चलेगा
भारत ने साफ कर दिया है कि अपने जवानों के साथ बर्बरता की घटना पर वह बेहद गंभीर है। पाक को कड़े संदेश में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि पाक यह कतई नहीं समझे कि वह अपनी करतूत से इनकार करता रहेगा और हम इसकी अनदेखी करते रहेंगे।
वह यह भी न समझे कि उसकी हरकतों का दोनों मुल्कों के रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सब कुछ पहले की चलता रहेगा। सरकार की ओर से बयान जारी करते हुए खुर्शीद ने कहा कि हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे।