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आर्थिक सुधारों का विरोध होना तय: नरेंद्र मोदी

Sun, 16 Nov 2014 08:36 AM IST
एजेंसी/ब्रिस्बेन
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जी-20 सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आर्थिक सुधारों की हिमायत करते हुए कहा कि इसका विरोध भी होना तय है। इसे राजनीतिक दबाव से बचाया जाना चाहिए। उन्होंने आर्थिक सुधारों के सरलीकरण और प्रशासनिक तौर तरीकों में सुधार की जरूरत पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार प्रक्रिया लोगों द्वारा नियंत्रित होनी चाहिए, इसे गुपचुप तरीके से लागू नहीं किया जा सकता।
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जी-20 वार्षिक शिखर बैठक से पहले आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने क्वींसलैंड संसद भवन के ब्रिस्बेन कन्वेंशन सेंटर में एक भोज का आयोजन किया था। समारोह में शामिल होने पहुंचे नेताओं ने बिना किसी सहयोगी के आपस में मुलाकात की। इस दौरान मोदी ने कहा कि सुधार प्रक्रिया का विरोध होना तय है इसलिए इसे राजनीतिक दबाव से मुक्त रखा जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुधार प्रक्रिया लोगों द्वारा नियंत्रित होनी चाहिए, इन्हें गुपचुप तरीके से लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सुधार लोगों पर केंद्रित और संचालित होना चाहिए। वैश्विक स्तर पर सुधार प्रक्रिया इस नजरिये के कारण पंगु हो चुकी है कि ये सरकारी कार्यक्रम हैं और लोगों पर बोझ हैं। इस नजरिये को बदलने की जरूरत है।
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मालूम हो कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को कहा था कि आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने मोदी से विशेष रूप से आग्रह किया था कि वह सम्मेलन से पहले अनौपचारिक बैठक में आर्थिक सुधारों पर अपना दृष्टिकोण रखें। वहीं सम्मेलन में शामिल होने आए मोदी का आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने गले लगाकर जोरदार स्वागत किया।
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वैश्विक आतंकवाद पर बोले मोदी

इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे अभियान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति बनाने की जरूरत है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के साथ द्विपक्षीय बैठक में उन्होंने कहा कि हम इसी रणनीति से आतंकवाद के खिलाफ कामयाबी हासिल कर सकते हैं।

मोदी की यह टिप्पणी अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल के उस बयान के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी जनता को इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने अमेरिकी संसद में रणनीति की वकालत करते हुए कहा था कि अमेरिकी और गठबंधन बलों के हवाई हमलों से इराकी, कुर्द तथा कबाइली बलों ने इराक के कुछ इलाकों में आईएस की बढ़त रोक दी है और उसे पीछे हटने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने आतंकवादी समूह के नाम के लिए आईएसआईएल का इस्तेमाल किया जो आतंकी संगठन का ही एक दूसरा नाम है।

डर पर आधारित नहीं हो सकती एशिया-प्रशांत की सुरक्षा: ओबामा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है एशिया-प्रशांत के देशों की सुरक्षा पारस्परिक समझौतों पर आधारित होनी चाहिए। यह किसी धमकी या डर पर आधारित नहीं होनी चाहिए। उन्होंन कहा कि तेजी से विकसित इस क्षेत्र में उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम और चीन का पड़ोसी देशों से क्षेत्रीय विवाद समस्या बना हुआ है। जी-20 सम्मेलन में शामिल होने आए ओबामा ने ब्रिस्बेन यूनिवर्सिटी के छात्रों से कहा कि अमेरिका की एशिया-प्रशांत के सहयोगी देशों के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता पर कोई सवाल नहीं है।
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