संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत दुनिया भर के देशों ने 30 हजार और सैनिक तैनात करने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत शांति मिशन के लिए हर संभव मदद करेगा।
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ये सैनिक सीमित संसाधनों और जटिल परिस्थितियों में कई देशों के सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। मोदी ने बताया कि लाइबेरिया में भारत ने अपनी महिला शांति सैनिकों को भी तैनात किया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बराक ओबामा ने कहा कि दुनिया भर के 50 देशों ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए 30 हजार अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का प्रस्ताव दिया है। पाक पीएम नवाज शरीफ ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
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ओबामा ने मोदी को लगाया गले
अमेरिका दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात कर उनके साथ रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से निपटने, आर्थिक साझेदारी और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों नेता रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने पर सहमत हुए।
मुलाकात के बाद पीएम ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावित सुधार में अमेरिका भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करेगा, इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में यह उनकी राष्ट्रपति ओबामा से पांचवीं मुलाकात है।
संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन के मौके पर दोनों नेताओं की मुलाकात में ओबामा ने गर्मजोशी से मोदी को गले लगाते हुए उनका स्वागत किया। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने नई दिल्ली आए ओबामा और मोदी के बीच लंबी वार्ता हुई थी। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने पिछली वार्ता में बनी सहमति को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा की।
मोदी ने पेरिस में होने वाले जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में ठोस नतीजे निकालने पर जोर दिया, जबकि ओबामा ने कहा कि उक्त सम्मेलन में भारतीय नेतृत्व आगामी दशक के लिए वार्ता का रुख तय करेगा।
दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद ओबामा ने कहा कि हमने आगे अपनी रणनीतिक साझेदारी को और परिष्कृत करने के बारे में चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हमने सुरक्षा, आर्थिक, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ रक्षा खरीद में साझेदारी के बारे में चर्चा की। इन सभी मुद्दों पर प्रधानमंत्री हमारे बेहतरीन साझेदार हैं।
रक्षा क्षेत्र में भारत ने अमेरिका से मांगा सहयोग
बुधवार को छह दिवसीय यात्रा पर न्यूयॉर्क पहुंचे मोदी की यात्रा अंतिम चरण में है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों के लिए ओबामा की दोस्ती, दृष्टि और प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा कि द्विपक्षीय साझेदारी से रणनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मसलों का समाधान होगा। इसमें आतंकवाद से निपटने, साइबर सुरक्षा और प्रशिक्षण शामिल है।
उन्होंने कहा कि रक्षा व्यापार और प्रशिक्षण सहित रक्षा क्षेत्र में हमारी साझेदारी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के बढ़ते और नए खतरे को देखते हुए हमने आतंकवाद से निपटने में साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला किया है।
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उनकी इस बात पर सहमति जताई है कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है, जिसे भारत और पाकिस्तान को मिलकर सुलझाना चाहिए।
दोनों नेताओं में बातचीत के दौरान पाकिस्तान की सरजमीं से संचालित होने वाले आतंकवाद का मुद्दा भी उठा। कश्मीर मसले के बारे में पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘यह ध्यान देेने वाली बात है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है और दोनों देशों के लोगों को इस मसले को मिलकर सुलझाने पर खुशी होगी।
’स्वरूप मोदी-ओबामा की मुलाकात में हुए चर्चा के बारे में बता रहे थे। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद पर भी चर्चा की गई, जिसमें कहा गया कि इस समस्या से दुनिया को मिलकर निपटना होगा।
आप अच्छे और बुरे आतंकवाद के बीच फर्क नहीं कर सकते। हालांकि, इस चर्चा में इस्लामिक स्टेट के बारे में चर्चा नहीं हुई, मगर पीएम मोदी ने आतंकवाद का मिलकर मुकाबला करने की वकालत की।