प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के बर्लिन शहर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हमें दुनिया को देने वाला देश बनना होगा, न कि दुनिया से लेने वाला देश।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण हब बनने के लिए जीरो डिफेक्ट और जीरो इफेक्ट पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि हमने ऐसा कर दिखाया है। आज आईटी सेक्टर में हमारा दबदबा है।
उन्होंने कहा कि यहां के भारतीयों से पूरे देश को उम्मीद है। यहां बसे भारतीय दोनों देशों के बीच सेतु का काम करें। भारत तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। इसे दुनिया में तेजी से तरक्की के लिए तीन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा जोर देना होगा। एक तिहाई हिस्सा कृषि क्षेत्र, निर्माण क्षेत्र में और एक तिहाई हिस्सा सेवा क्षेत्र में देना होगा।
पीएम ने कहा कि देश के विकास में रेलवे बड़ी भूमिका निभा सकता है। इसके लिए रेलवे के नए मॉडल विकसित करने होंगे।