पूर्व कोयला सचिव प्रकाश चंद पारिख ने अपना नाम सीबीआई की चार्जशीट में आने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोलगेट मामले में आरोपी नंबर-1 बताया है।
टीएनएन के मुताबिक पूर्व कोयला सचिव प्रकाश चंद्र पारिख ने कहा है कि अगर सीबीआई को कोयला ब्लॉक के आंवटन में साजिश की बू आ रही है तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस मामले में पहला आरोपी बनाया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने ही इस फैसले पर दस्तखत किए थे।
पीसी पारिख ने कहा कि वह सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि कोलगेट मामले में सीबीआई जनहित में लिए गए सही फैसलों और गलत फैसलों में अंतर नहीं कर पा रही है।
उन्होंने कहा, 'अगर सीबीआई इस नतीजे पर पहुंची है कि हिंडाल्को को (तलाबीरा) कोयला ब्लॉक आवंटित करना एक साजिश थी तो उन्हें पीएम को ही पहला आरोपी बनाना चाहिए, क्योंकि इस आवंटन को उन्होंने ही मंजूर किया था।'
कोल घोटालाः कुमार मंगलम बिड़ला के खिलाफ FIR
फैसलों पर उठ रहे सवालों पर रोष जताते हुए पारिख ने कहा, 'यह अजीब है कि सीबीआई मेरे उन फैसलों पर सवाल उठा रही है, जो कोयला सेक्टर में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिए गए थे।
पीसी पारिख मार्च 2004 में कोयला सचिव नियुक्त किए गए थे और तत्कालीन यूपीए सरकार के कई मंत्रियों द्वारा उन्हें हटाए जाने की नाकाम कोशिशों के बावजूद दिसंबर 2005 में रिटायर होने तक इस पद पर बने रहे थे।
कोयला घोटाला मामले में दायर चार्जशीट में 5वें सबसे अमीर उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के साथ-साथ पीसी पारिख का भी नाम लिया गया है। सीबीआई ने इस मामले में ताजा एफआईआर दर्ज की है।
इसके साथ ही सीबीआई ने नाल्को, हिंडाल्को और एक पूर्व कोयला सचिव समेत 14 एफआईआर दर्ज की है। हिंडाल्को बिड़ला की ही कंपनी है।