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प्लेन हादसाः मौत के वो आख़िरी आठ मिनट

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फ़ांस में मंगलवार की एयरबस दुर्घटना तब हुई जब आख़िरी आठ मिनटों में विमान ने हज़ारों फ़ुट का गोता लगाया। इस दुर्घटना में चालक दल समेत 150 लोग मारे गए। सवाल ये पूछा जा रहा है कि उन आठ मिनटों में हुआ क्या था?
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ये विमान 1991 में ख़रीदा गया था और तभी से ये लुफ़्थांसा एयरलाइन्स के पास था और 2014 से इसे जर्मनविंग्स को सौंपा गया। 23 मार्च को नियमित प्रक्रिया के तहत इसकी पूरी जांच हुई थी।

जर्मनविंग्स एयरलाइंस के प्रवक्ता थॉमस विंकलमान ने बताया है कि एयरबस स्थानीय समयानुसार 10 बज कर 47 मिनट पर 38,000 फ़ुट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।
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500 मील की रफ्तार से उड़ रहा था प्लेन

इसके ठीक एक मिनट बाद विमान तेज़ी से नीचे गिरने लग। गिरने की ये अवस्था पूरे आठ मिनट तक जारी रही। विंकलमान के मुताबिक़, "10 बजकर 53 मिनट पर विमान 6,000 फ़ुट तक नीचे आ गया।

विमान का संपर्क फ़्रांसीसी एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल रूम के रडार से टूट गया और फिर वो क्रैश हो गया।" बीबीसी के परिवहन संवाददाता रिचर्ड वेस्कॉट के मुताबिक़,"विमान 38,000 फ़ुट की ऊंचाई पर 500 मील प्रतिघंटे की सामान्य गति से उड़ रहा था।"
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पायलट कुछ न कर पाए

साढ़े नौ बजे एयरबस ने फ़ांस के तट को पार किया। वेस्कॉट के अनुसार, "लेकिन इसके तत्काल बाद कुछ ऐसा भयानक हुआ कि पायलट ना तो मदद के लिए संपर्क कर पाए ना ही इमरजेंसी लैंडिंग की चेतावनी दे पाए।"

वेस्कॉट कहते हैं, "आमतौर पर विमान चालकों के पास इतना समय होता है कि कुछ गड़बड़ होते ही वे विमान को ज़मीन पर उतारने का प्रयास करते हैं या फिर मदद के लिए संपर्क करते हैं।"

फ़िलहाल जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक दुर्घटना से आठ मिनट पहले तक के हालात कुछ ऐसे रहे होंगे कि पायलट कुछ कर न पाए। ऐसा अनुमान ऐसी स्थिति में पायलट आस पास उतरने के लिए समतल जमीन खोजते हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि जर्मनविंग्स विमान के पायलटों को ज़मीन तलाशने का समय ही नहीं मिल पाया।
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