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राम-जानकी विवाह बारात यात्रा के पीछे क्या है प्लान?

Sun, 09 Nov 2014 02:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व हिंदू परिषद ने उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले कुछ सालों में होने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के लिए जमीन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सियासी रूप से अहम दोनों प्रदेशों में भगवा परिवार की पैठ बढ़ाने के लिए विहिप ने फिर से अपने पुराने और आजमाए मुद्दे राम को औजार बनाने का फैसला किया है।
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इसके तहत विहिप ने अयोध्या से जनकपुर तक राम-जानकी विवाह बारात यात्रा निकालने का ऐलान किया है। विहिप महासचिव चंपत राय ने बताया कि इस कार्यक्रम के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत करा दिया गया है।

हालांकि मोदी ने अभी इस यात्रा में शामिल होने की अपनी रजामंदी नहीं दी है। चंपत राय के अनुसार यह विवाह यात्रा 17 नवंबर को अयोध्या से शुरू होकर 25 नवंबर को नेपाल के जनकपुर पहुंचेगी।
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धार्मिक रूप से संवेदनशील इलाकों से गुजरेगी यात्रा

विहिप ने इस यात्रा को गैर राजनीतिक और पूरी तरह सांस्कृतिक करार दिया है। विहिप का कहना है कि राम-जानकी विवाह यात्रा भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाएगी। हालांकि विहिप की इस यात्रा का स्वरूप ऐसा तय किया गया है, जिससे राजनीति साफ झलकती है।

यात्रा को 500-600 किलोमीटर की दूरी तय करने में 9 दिन का समय लगेगा। यात्रा को वैसे इलाकों के बीच से गुजारने का कार्यक्रम है जोकि धार्मिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।

राम-जानकी विवाह बारात यात्रा अयोध्या से शुरू होकर आजमगढ़, बलिया के रास्ते बिहार के बक्सर में प्रवेश करेगी। यहां से पटना, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी से गुजरते हुए नेपाल में प्रवेश करेगी। इन क्षेत्रों से गुजरते हुए बाराती के रूप में शामिल अयोध्या के संत और विहिप नेता इन जिलों के स्थानीय इलाकों में रुकते हुए भजन-पाठ करते जाएंगे। विहिप नेता चंपत राय का कहना है कि इससे पहले भी यात्रा वर्ष 2004 और 2009 में शांतिपूर्ण संपन्न हो चुकी है।
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