रेप के आरोप को लेकर शनिवार को गोरखपुर के फन एंड लर्न स्कूल में पीड़ित परिवार के साथ स्थानीय लोगों ने बवाल किया। स्कूल बंद करने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना देने के बाद स्कूल में तोड़फोड़ शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग जख्मी हो गए। दोपहर में पीड़ित परिवार के लोगों ने घंटाघर में जाम लगाकर दुकानें बंद करा दीं। पुलिस के समझाने और हिरासत में लिए गए आरोपियों को दिखाने पर लोग हटे। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने स्कूल की लालडिग्गी के अलावा जाफरा बाजार शाखा में ताला लगा दिया है।
शनिवार सुबह आठ बजे पीड़ित बच्ची के पिता वार्ड नंबर 64 के पार्षद बृजेंद्र अग्रहरी और मोहल्ले के लोगों के साथ लालडिग्गी स्थित फन एंड लर्न स्कूल पहुंचे। स्कूल खुला देखकर बंद कराने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। जानकारी होने पर भाजपा पार्षद सौरभ विश्वकर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोग बच्ची के साथ दरिंदगी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इस बीच पहुंचे इंस्पेक्टर राजघाट विजयराज सिंह, सीओ कोतवाली डीएन शुक्ल ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को स्कूल से बाहर निकाला। इस बीच करीब 100 की संख्या में स्कूल पहुंचे लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। रोकने की कोशिश पर इन लोगों को उग्र होता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें रेती चौक के रहने वाले गुड्डू गांधी का सिर फट गया।
लाठीचार्ज के बाद एसपी (सिटी) सत्येंद्र कुमार , सिटी मजिस्ट्रेट के साथ मौके पर पहुंचे। डायरेक्टर के साथ ही चार लोगों को हिरासत में लेने के बाद स्कूल में ताला लगा दिया। दोपहर में जाफरा बाजार स्थित दूसरी ब्रांच को भी बंद करा दिया गया। दोपहर दो बजे आरोपियों को जनता के सामने लाने की मांग करते हुए पीड़ित परिवार के लोगों ने घंटाघर में जाम लगाकर दुकानें बंद करा दीं। बवाल की सूचना पर पहुंचे सीओ कोतवाली ने पीड़ित बच्ची के चाचा को थाने ले जाकर हिरासत में लिए गए लोगों को दिखाकर विवाद खत्म कराया। पुलिस ने घटना की जांच के लिए स्कूल की शिक्षिकों के साथ ही कर्मचारियों को महिला थाने ले जाकर पीड़ित बच्ची से शिनाख्त कराई। स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, दो शिक्षकों के अलावा रुस्तमपुर की रहने वाली एक दाई को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
महिला थाने में शिक्षकों ने किया हंगामा
अपराधियों की तरह थाने में लाकर पूछताछ करने से नाराज फन एंड लर्न स्कूल की महिला शिक्षकों ने थाने में हंगामा किया। साथ में थाने आए घरवालों ने पुलिस पर बदनाम करने का आरोप लगाया। एक घंटे तक थाने में हंगामा हुआ। एसपी (सिटी) ने सभी से जांच में सहयोग करने की अपील कर शांत कराया।