श्रीनगर में मंगलवार को मिग-21 के दुर्घटनाग्रस्त होने पर शामली निवासी पायलट सौरभ रघुवंशी की मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा।
उधर, एयरफोर्स के जवानों ने पुलिस-प्रशासन से पायलट के अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक बंदोबस्त के संबंध में विचार-विमर्श किया।
जवान बेटे की मौत की खबर सुनकर रिटायर शिक्षक बलवीर सिंह और उनकी पत्नी सरोज का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
उधर, सरसावा (सहारनपुर) एयरबेस से वायुसेना के अधिकारी भूपेंद्र सिंह और मंदीप सिंह ने शहर कोतवाली पुलिस को पायलट का शव श्रीनगर से शामली पहुंचने की जानकारी दी।
गृह नगर पहुंचा शहीद का शव
वायुसेना पुलिस ने सैनिक सम्मान के साथ पायलट के अंतिम संस्कार के संबंध में पुलिस-प्रशासन से विचार-विमर्श भी किया। वहीं, सौरभ के पिता बलवीर सिंह ने कहा कि बेटे के शहीद होने पर उन्हें नाज है। सौरभ के पिता पूर्व में हिलवाड़ी इंटर कॉलेज बागपत में शिक्षक थे।
उन्होंने बताया कि रिटायर होने के बाद वे शामली में रह रहे थे। उनका बड़ा बेटा रवि मनोरोगी है। इसके चलते छोटे बेटे सौरभ पर ही घर की पूरी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में करीब 16 वर्ष की उम्र में सौरभ एकेडमी से पास आउट हो गया था। वर्तमान में वह हैदराबाद के बेगमपेठ एयरबेस पर पायलट के रूप में तैनात था। चार वर्ष पूर्व सौरभ की शादी गुजरात के सूरत निवासी कमर्शियल पायलट रचना के साथ हुई थी।
सौरभ की मां सरोज देवी ने रोते हुए बताया कि बेटे को शिक्षक अथवा डॉक्टर बनने की सलाह दी थी लेकिन बेटे ने देश सेवा के लिए सेना में भर्ती होने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि देश सेवा करते हुए प्राण न्योछावर करने वाले बेटे पर उन्हें हमेशा नाज रहेगा।
शहीद को दी गई आखिरी विदाई
श्रीनगर में हादसे का शिकार हुए सौरभ रघुवंशी का सैन्य सम्मान के साथ देर रात अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान एयरफोर्स के अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इससे पहले बुधवार देर रात श्रीनगर से पायलट सौरभ रघुवंशी का शव लेकर सेना का एक हेलीकाप्टर सहारनपुर के सरसावा एयरबेस पर पहुंचा। सरसावा एयरबेस से एयरफोर्स पुलिस जीप से देर रात करीब नौ बजे पायलट का शव शामली लाया गया। मोहल्ला काकानगर में सौरभ का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। कुछ क्षणों के लिए शव को घर पर रखने के बाद परिजन शव लेकर दिल्ली रोड स्थित स्वर्ग आश्रम की ओर चल दिए।
अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। स्वर्ग आश्रम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ सौरभ का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान डीएम एनपी सिंह, एसपी अनिल राय, एसडीएम सदर आरएन शर्मा और सीओ सिटी प्रकाश कुमार ने अमर जवान को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
करंट लगने से गई सौरभ की जान
कश्मीर में दुर्घटनाग्रस्त हुए मिग 21 में मारा गया पायलट सौरभ रघवुंशी क्षेत्र के ढिंढावली गांव का रहने वाला था। हादसे के दौरान सचिन पैराशूट लेकर विमान से तो कूद गया, लेकिन वह हाईटेंशन विद्युत लाइन पर जा गिरा। हादसे में बचने के बावजूद करंट से पायलट की मौत हो गई।
जम्मू-कश्मीर में हुए मिग 21 हादसे में शहीद हुआ पायलट सौरभ मूलरूप से मुजफ्फरनगर के ढिंढावली गांव का रहने वाला था। शिक्षक बलवीर सिंह पहले बागपत के बड़ौत में रहे और इन दिनों शामली के काकानगर इलाके में रह रहे हैं।
हादसे की सूचना जैसे ही ढिंढावली पहुंची मातम छा गया। ताऊ प्रेम सिंह और इंद्र सिंह ने बताया कि सौरभ की प्रारंभिक शिक्षा बड़ौत में हुई। इसके बाद वह वर्ष 2001 में वायुसेना में भर्ती हो गया था।