निठारी कांड में मृत्युदंड की सजा पाए सुरेंद्र कोली की फांसी रोक ने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स द्वारा दाखिल की गई है।
इसमें कहा गया कि फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद सुरेंद्र कोली को फांसी देने में काफी विलंब किया गया। उनकी दया याचिका का निस्तारण काफी देर से हुआ।
याचिका में राष्ट्रपति और राज्यपाल उत्तर प्रदेश द्वारा दया याचिका खारिज करने के निर्णय को चुनौती दी गई है। सुरेंद्र कोली ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को चार पेज का पत्र लिखा था जिसे पुनरीक्षण याचिका के तौर पर स्वीकार करते हुए सुप्रीमकोर्ट ने गत 28 अक्तूबर 2014 को खुली अदालत में सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
सुप्रीमकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका और राष्टपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के बाद कोली की फांसी तय मानी जा रही है। पीआईएल में दया याचिका के दस्तावेज मांगाए जाने की मांग की गई है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होने की उम्मीद है।