महानगर में हुए 1993 के सिलसिलेवार बम धमाके के मामले में दोषी पाए गए फिल्म अभिनेता संजय दत्त बृहस्पतिवार को रिहा हो रहे हैं, लेकिन उससे पहले ही उनकी रिहाई विवादों में घिर गई है।
जेल प्रशासन ने संजय की सजा में छूट (रिमिशन) दी है। इससे वह बृहस्पतिवार को येरवदा जेल से रिहा होनेवाले हैं। उनके जेल से छूटने से एक दिन पहले बांबे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में संजय दत्त की रिहाई के आदेश को चुनौती देते हुए जेल प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
हाईकोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप भालेकर ने याचिका दायर कर संजय की रिहाई के फैसले को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि संजय को पूरी पांच साल की सजा काटने का आदेश दिया जाए। संजय दत्त के अच्छे आचरण को देखते हुए राज्य के गृह विभाग ने संजय को 103 दिन का रिमीशन दिया है। इसलिए उनकी रिहाई पहले हो रही है।