तमिलनाडु में वक्फ बोर्ड की पहली महिला प्रमुख ने काजी के तलाक के सर्टिफिकेट जारी करने पर पाबंदी लगाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश आर के अग्रवाल और न्यायमूर्ति एम सत्यनारायणन ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। इस पर दोनों सरकारों को दो सप्ताह के अंदर जवाब देने को कहा गया है।
अल्पसंख्यक आयोग की प्रमुख बदर सईद ने अपनी याचिका में कहा है कि काजी को तलाक का सर्टिफिकेट देने का कोई कानूनी या प्रशासनिक अधिकार नहीं दिया गया है। काजी का तलाक या इससे संबंहधित कोई भी दस्तावेज जारी करना गैरकानूनी है।
उन्होंने कहा है कि काजी ऐक्ट 1880 में किसी भी काजी को निकाह के दौरान उपस्थित होने का प्रवाधान है। कानून में काजी को तलाक का सर्टिफिकेट देने का कोई अधिकार नहीं दिया गया है।