उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में मिलावटी डीजल की शिकायत पर छापामारी करने गई डीएसओ नीरज सिंह की टीम पर भीड़ ने हमला बोल दिया। डीएसओ(जिला पूर्ति अधिकारी) और उनकी गाड़ी पर केरोसिन डालकर उन्हें जिंदा जलाने की भी कोशिश की गई। भीड़ के चंगुल से छूटकर डीएसओ थाने पहुंचे। बाद में पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर कर्मचारियों की जान बचाई।
एसडीएम रामअरज यादव ने बताया कि नीरज सिंह की तरफ से दुकान मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तथा ब्लाक प्रमुख के पति और ग्राम प्रधान समेत पांच लोगों को नामजद करते हुए डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
उन्होंने बताया कि डीएसओ नीरज सिंह बृहस्पतिवार की शाम लगभग 4.30 बजे अपनी निजी कार से जरीफनगर के कसबा दहगवां निवासी गिरीश चंद्र की दुकान पर छापामारी करने पहुंचे। उनके साथ एरिया राशनिंग आफीसर संजय गंगवार, सहसवान में तैनात पूर्ति लिपिक तोताराम, लिपिक जितेंद्र सिंह, अर्दली ब्रजपाल, ड्राइवर संजीव गुप्ता, होमगार्ड प्रदीप और अशरफ भी थे। उनके पहुंचते ही दुकान मालिक फरार हो गया।
इस पर टीम ने दुकान सील कर दी। इसके बाद टीम गिरीश का गोदाम सील करने पहुंची। गोदाम में डीजल में मिलावट के लिए अवैध कैरोसिन रखे होने का शक था। वहां चार भैंसे भी बंधी थीं। गांव वालों ने भैंस निकालकर गोदाम सील करने की बात कही। इसको लेकर टीम और भीड़ के बीच हुई नोकझोंक देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। भीड़ ने उनको दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। डीएसओ और उनकी गाड़ी पर केरोसिन डालकर उन्हें टीम के कुछ लोगों के साथ जिंदा जलाने की कोशिश की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
एसपी मंजिल सैनी ने कहा कि डीएसओ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हो गया है। नामजदों की तलाश की जा रही है। सभी पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी।