रक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने रूस से 8 हजार करोड़ रुपये के मिसाइल सौदे को मंजूरी दे दी है। इसके तहत भारत थल सेना के टी-90 टैंकों के लिए 10 हजार इनवार मिसाइल और वायुसेना के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के 200 से अधिक एयर लांच वर्जन रूस से खरीदेगा। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को यहां हुई सीसीएस में इस सौदे को मंजूरी दी गई।
थलसेना के टी-90 टैंक के लिए रूसी हथियार निर्माताओं से 10,000 इनवार मिसाइलें खरीदी जाएंगी। वायुसेना के लिए ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव में मिसाइल के परीक्षण और इंटीग्रेशन का फंड भी शामिल है। योजना के अनुसार भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित ब्रह्मोस के एयर लांच वर्जन का पहला परीक्षण इस साल दिसंबर के अंत तक किया जाना है। साथ ही वायुसेना के दो एसयू-30एमकेआई विमानों को भी मोडिफाई किए जाने की योजना है।
गौरतलब है कि ब्रह्मोस मिसाइल से वायुसेना की ताकत कई गुणा बढ़ जाएगी। इस साल मार्च में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने सेना में हथियारों की कमी होने का मुद्दा उठाया था। इस लिहाज से यह रक्षा सौदा बेहद अहम माना जा रहा है।