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महंगी सब्जियों ने बदल दिया खाने का अंदाज

Sat, 06 Jul 2013 08:33 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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बढ़ती महंगाई के चलते लोगों की भोजन शैली में भी काफी बदलाव आ रहा है। एसोचैम द्वारा करवाए गए एक सर्वे में यह बात सही साबित होती है।
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सब्जियों और फलों की आसमान छूती कीमतों ने करीब 60 फीसदी मध्यम और कम आय वर्ग के लोगों को पहले से तैयार भोजन (रेडी टू ईट फूड) की ओर रुख करने को मजबूर किया है।

भारी बारिश की वजह से कई राज्यों में टमाटर की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई, जिसके चलते टमाटर की सप्लाई पर भी असर पड़ा है।

इसके चलते पिछले कुछ दिनों के अंदर टमाटर की कीमतों में 300 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।

एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि कम आय और मध्यम आय वर्ग के ज्यादातर लोगों को घर का बजट चलाने में मुश्किल आ रही हैं।

साथ ही सब्जियों की लगातार बढ़ती कीमतों ने इस आय वर्ग को पहले से तैयार भोजन खरीदने को प्रोत्साहित किया है।

उन्होंने कहा कि देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून के जल्द आने की वजह से सब्जियों और फल के उत्पादन और सप्लाई पर असर पड़ा है। इसके चलते सब्जियों की कीमतों में बहुत अधिक वृद्धि हुई है।
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आसमान छूती कीमतों ने खासकर मेट्रो शहरों में रहने वाले आम लोगों को सर्वाधिक प्रभावित किया है।

एसोचैम ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, बंगलूरू और पुणे समेत कई शहरों में 5000 से ज्यादा लोगों पर यह सर्वे किया है।

सर्वे में कहा गया है कि पिछले तीन सालों में आम आदमी की सैलरी में करीब 15 फीसदी ही वृद्धि हुई है लेकिन दूसरी तरफ सब्जियों की कीमत में 250 से 300 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।
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इन सबके चलते डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों जैसे रेडीमेड टमाटर प्यूरी, सूखे/डिब्बाबंद प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, फ्रोजन प्रसंस्कृत भोजन और मील रिप्लेसमेंट उत्पादों और मसालों की मांग बढ़ी है।

सर्वे में कहा गया है कि सब्जियों और फलों की बढ़ती कीमतों ने मध्यम और कम आय वर्ग के परिवारों के बजट को गड़बड़ा दिया है।

क्या हैं रेडी टू ईट फूड--
रेडीमेड टमाटर प्यूरी
सूखे/डिब्बाबंद प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ  
फ्रोजन प्रसंस्कृत भोजन ( जैसे सफल मटर, मक्का)
तैयार तरी, इडली, पोहा
डिब्बा बंद जूस
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