एक स्थानीय बिजनेसमैन ने एक ऐसी किट तैयार की है, जिससे मोटर वाहनों से घरेलू जरूरतों को पूरी करने लायक बिजली पैदा की जा सकती है।
उनका मानना है कि अगर इसे ट्रांसपोर्ट बसों में उपयोग किया जाता है, तो पूरा बस स्टैंड ही इससे इकठ्ठा होने वाली बिजली से जगमगा सकता है।
अपनी नई तकनीक के बारे में बताते हुए सिडको नाम की इंडस्ट्री चलाने वाले वासुदेवन ने कहा कि इससे ईंधन खपत में कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग बस में यात्रा कर रहे हैं या नहीं।
ऐसे में ऊर्जा बेकार जाती है। उनके द्वारा तैयार वी-किट का इस्तेमाल कर इसे बिजली में तब्दील कर रिचार्जेबल बैटरी में स्टोर किया जा सकता है और बाद में घरेलू उपयोग में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
उनका कहना है कि देश में 16 करोड़ से भी ज्यादा मोटर वाहन हैं और हर रोज इस संख्या में इजाफा होता जा रहा है। देश में ऐसे बहुत सारे गांव हैं, जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है।
ऐसे में वी-किट उनके लिए एक वरदान साबित हो सकती है, इसके जरिए वह मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और ट्रकों आदि से बिजली तैयार कर सकते हैं।
वासुदेवन ने बताया कि अगर यह किट एक दोपहिया वाहन में लगाई जाती है और वह 40 किमी प्रतिदिन चलता है, तो इससे चार घंटे उसके द्वारा तैयार एलईडी लैंप से एक घर को रोशन किया जा सकता है।
अगर यह किट कार में फिट की जाती है और रोज 50 किमी चलती है, तो यह एक घर में लाइट और पंखे चलाने के लिए बिजली पैदा कर सकती है।
वासुदेवन ने बताया कि मोटरसाइकिल में इस किट को लगाने का खर्च एक हजार रुपये जबकि कार या ट्रक में इसे फिट कराने में करीब 15 हजार रुपये का खर्च आएगा।
उनके अनुसार अगर सरकार या कोई बड़ा संस्थान उनकी मदद को आगे आता है, तो वह रिसर्च के लिए इस तकनीक को साझा करने को भी तैयार हैं।