मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने वाले सरकारी कर्मचारी पेंशन के हकदार नहीं होंगे।
व्यावसायिक कर विभाग के एक जूनियर असिस्टेंट की याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट की पीठ ने यह फैसला दिया।
कर्मचारी ने वर्ष 1978 में नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने एरियर के साथ मासिक पेंशन मंजूर करने की याचिका दी थी।
जस्टिस वैद्यनाथन ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। वह याचिका में मांगी गई राहत के हकदार नहीं हैं।