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सुलगे कांठ में शांति, लोकसभा में आज गूंजेगा 'बवाल'

Wed, 09 Jul 2014 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
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कांठ में अकबरपुर चैदरी गांव के धर्मस्थल से लाउडस्पीकर उतारे जाने और महापंचायत रोकने पर सुलगा कांठ अब शांत होने लगा है। मंगलवार को कांठ का बाजार खुल गया। बारहवें दिन खुले मार्केट में खूब रौनक रही। जमकर खरीदारी हुई। वहीं पलायन किए परिवार भी वापस लौट रहे हैं। अफसरों ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि किसी का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा।
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पीस पार्टी के विधायक अनीसुर्रहमान के गांव अकबरपुर चैदरी के शिव धर्मस्थल से जबरन लाउडस्पीकर उतारे जाने पर 26 जून से शुरू हुए बवाल ने कांठ की शांति को आग लगा दी थी। कांठ का बाजार उसी दिन से बंद है। चार जुलाई को महापंचायत रोकने पर बवाल और बढ़ गया था। लोगों ने कांठ स्टेशन पर पूरे दिन ट्रैक बाधित रखा। भीड़ द्वारा किए गए पथराव में जिलाधिकारी चंद्रकांत घायल हो गए थे। पुलिस ने भाजपा के 62 लोगों को गिरफ्तार किया। उसके बाद कांठ के हालात सामान्य बनाने के प्रयास शुरू हुए।

कमिश्नर शिवशंकर सिंह ने लोगों के बीच में जाकर उनकी समस्याओं को सुना। व्यापारियों का भरोसा दिलाया गया कि किसी का उत्पीड़न नहीं होगा। कई घंटे की मानमनौव्वल के बाद व्यापारी मान गए और मंगलवार को बाजार खोल दिया। सुबह से ही कांठ के मार्केट में रौनक रही। लोगों ने जमकर खरीदारी की। स्कूल कालेजों में छात्र कम ही पहुंचे। वहीं अकबरपुर चैदरी गांव से पलायन करने वाले दलित परिवार भी वापस लौटने लगे हैं। वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कांठ में डेरा डाले हैं। फोर्स भी तैनात है।
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तनाव के बीच नए डीएम की तैनाती

कांठ बवाल का शिकार हुए आईएएस चंद्रकांत की जगह शासन ने नए जिलाधिकारी की तैनाती कर दी है। दीपक अग्रवाल को मुरादाबाद का डीएम बनाया गया है। वहीं चेन्नई से दिल्ली लाए गए तत्कालीन डीएम चंद्रकांत की आंख में तेजी से सुधार हो रहा है। सोमवार को उनकी आंख का आपरेशन चेन्नई में कराया जाएगा। शासन ने जिलाधिकारी का हाल जानने के बाद ही तनाव को देखते हुए जल्द नई तैनाती की है।

महापंचायत रोकने पर चार जुलाई को कांठ में बवाल हो गया था। गुस्साई भीड़ ने ट्रैक जाम करके पुलिस पर पथराव किया था। पथराव में जिलाधिकारी की आंख में गहरी चोट लगी और रोशनी चली गई थी। उन्हें यहां से शंकर नेत्रालय चेन्नई भेजा गया था। जहां डाक्टरों की टीम ने इलाज के जरिए आंखों का प्रेशर कम करना शुरू किया। डिप्टी सीएमओ रंजन गौतम ने बताया कि आंख का प्रेशर नार्मल कर लिया गया है। चोट में भी तेजी से सुधार है।

वहीं शासन ने मुरादाबाद में नए जिलाधिकारी की तैनाती कर दी है। दीपक अग्रवाल ने डीएम के रूप में चार्ज ग्रहण कर लिया है। दीपक अग्रवाल सुबह ही मुरादाबाद पहुंच गए थे। हालांकि अभी चंद्रकांत की कहीं पोस्टिंग नहीं हुई है। माना जा रहा है कि शासन ने मुरादाबाद की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम की तैनाती का फैसला किया था। इससे पहले डाक्टरों से भी पूछा गया था कि उनका इलाज कितने दिन चलेगा। मुख्य सचिव ने भी कमिश्नर को फोन करके उनका हाल जाना था।

स्कूल कालेज खुले मगर बच्चे नहीं पहुंचे

कांठ का बाजार खुलने के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है। लेकिन स्कूल कालेजों में बच्चों की संख्या बहुत कम रही। कस्बे के तमाम बच्चे मुरादाबाद के स्कूलों में भी पढ़ते हैं जिन्हें लेने स्कूल बस जाती हैं मगर बसें मंगलवार को नहीं पहुंची। माना जा रहा है कि बुधवार से स्कूलों में हाजिरी बढ़ जाएगी।

कांठ में पंद्रह पब्लिक स्कूल, दो डिग्री कालेज, आठ इंटर कालेज और पांच प्राइमरी स्कूल हैं। यह सभी स्कूल कालेज सत्ताइस जून से बंद थे। हालांकि कोई छुट्टी नहीं थी लेकिन बवाल के कारण बच्चे पहुंच ही नहीं पा रहे थे। मुरादाबाद के स्कूल कालेजों में पढ़ने वाले छात्र भी नहीं आ रहे थे। स्कूली बसों ने भी कांठ जाना बंद कर रखा था। मंगलवार को कांठ का बाजार खुलने के बाद स्थिति सामान्य मानी जा रही है लेकिन स्कूलों में बच्चे फिर भी नहीं पहुंचे।

लोगों का कहना है कि बाजार खोलने का फैसला सोमवार की देर रात को हुई मीटिंग में लिया गया था लिहाजा तमाम लोगों को जानकारी नहीं हुई थी। बुधवार से हालात और बेहतर हो जाएंगे। स्कूल कालेजों में भी हाजिरी बढ़ेगी। बाजार खुलने के बाद बस स्टैंड व प्राईवेट बस अड्डे पर भी कुछ रौनक रही। प्राईवेट वाहन भी खूब दौड़े। रोडवेज की बसों की संख्या भी बढ़ी हुई दिखाई दी है तो वहीं पर गांवों से भी कुछ लोग खरीदारी करने के लिए भी आए। रेलवे स्टेशन पर भी भीड़ बढ़ने लगी है। अकबरपुर चैदरी के लोग भी खेतीबाड़ी के लिए घरों से निकले।

मुरादाबाद आएंगे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी दस जुलाई को मुरादाबाद आएंगे। जबकि प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह आज जिला जेल पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम को लेकर भाजपा तैयारियों में जुट गई है। हालांकि फिलहाल उनका कार्यक्रम दस और ग्यारह जुलाई के बीच फंसा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मुरादाबाद पहुंचकर ही आंदोलन का ऐलान करेंगे। भाजपा ने सरकार को घेरने के लिए मुरादाबाद में लंबे वक्त तक आंदोलन चलाने की रणनीति बनाई है जिसका औपचारिक ऐलान प्रदेश अध्यक्ष मुरादाबाद आने पर करेंगे।

भाजपा ने जो रणनीति बनाई है उसके तहत पार्टी मंडल मुख्यालय पर लगातार बीस से तीस दिन तक धरना प्रदर्शन करेगी। जिसका नेतृत्व हर रोज कोई न कोई जनप्रतिनिधि करेगा। इन कार्यक्रमों में पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों को भी शामिल किया जाएगा। पहले जनपदवार और फिर विधानसभा क्षेत्रवार पदाधिकारी इस आंदोलन की बागडोर संभालेंगे।

आज लोकसभा में उठेगा कांठ बवाल
अकबरपुर चैदरी के धर्मस्थल से लाउडस्पीकर उतारने और कांठ थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं की जूते चप्पलों से पिटाई का मुद्दा आज लोकसभा में गूंजेगा। इसके लिए भाजपा के तीन सांसदों ने सवाल लगाया है। भाजपा सांसद मामले को शून्य काल में उठाएंगे। जिसमें एसएसपी धर्मवीर सिंह समेत मुरादाबाद के पुलिस प्रशासनिक अफसर निशाने पर होंगे।

कांठ बवाल पर गृह मंत्री से मिले तीनों सांसद

कांठ थाने की हवालात में भाजपा कार्यकर्ताओं की बेरहमी से पिटाई का मुद्दा रामपुर, संभल और मुरादाबाद सांसद ने एकजुट होकर गृहमंत्री के सामने रखा है। गृह मंत्रालय इस मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से जवाब तलब करने की तैयारी कर रहा है। जिसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गई रिपोर्ट और पुलिस से इतर गृह मंत्रालय को मिले साक्ष्यों को स्टडी किया जा रहा है।

रामपुर सांसद डा. नैपाल सिंह के नेतृत्व में भाजपा के संभल सांसद एडवोकेट सत्यपाल सैनी और मुरादाबाद सांसद कुंवर सर्वेश सिंह ने दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर कांठ में हुए बवाल की हकीकत बयां की। सांसदों ने गृह मंत्री को बताया कि प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैय्ये ने कांठ में बवाल कराया। हिंसा की शुरुआत भी प्रशासन की ओर से ही की गई। सांसदों ने कहा कि मुरादाबाद में तैनात पुलिस प्रशासनिक अफसर प्रदेश सरकार के एक मंत्री के इशारे पर एक वर्ग का उत्पीड़न कर रहे हैं अकबरपुर चैदरी में धर्मस्थल पर सालों से  लगा लाउडस्पीकर जबरन उतारना और दलित महिलाओं पर लाठीचार्ज कराना इसी कड़ी का एक हिस्सा है।

भाजपा सांसदों ने गृह मंत्री को बताया कि एसएसपी धर्मवीर सिंह पुलिस अफसर के बजाए सपा कार्यकर्ता की तरह जिले में काम कर रहे हैं। जिनके रहते किसी हाल में जिले में शांति नहीं रह सकती। सांसदों की गृह मंत्री से मुलाकात के बाद गृह सचिव ने कांठ बवाल पर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से जवाब तलब किए जाने की जानकारी सांसदों को दी है।

शासन ने मांगी कांठ बवाल पर रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश शासन ने कांठ बवाल पर पूरी रिपोर्ट तलब कर ली है। दस जुलाई को बरेली में होने वाली कानून व्यवस्था की समीक्षा में इस पर चरचा होगी। कमिश्नर, डीआईजी, एसएसपी और जिलाधिकारी को पूरी रिपोर्ट के साथ बुलाया गया है। मुरादाबाद मंडल के पांचों जनपदों के अफसर यहां मौजूद रहेंगे।

दस जुलाई को बरेली में कानून व्यवस्था की समीक्षा होगी। मुरादाबाद और बरेली मंडल के सभी जनपदों के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी यहां बुलाए गए हैं। कांवड़ मेले की तैयारियों पर तो चरचा होगी ही कांठ प्रकरण पर भी चर्चा की जानी है।

प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने एक एक बिंदु पर रिपोर्ट मांगी है। किस तरह से स्थिति बिगड़ी। कौन जिम्मेदार रहा। मशीनरी का क्या रोल था। स्थानीय लोग अगर किसी अधिकारी से नाराज हैं तो क्यों। इन सभी बिंदुओं पर सिलसिलेवार जानकारी मांगी गई है। माना जा रहा है कि इस समीक्षा के बाद कुछ अधिकारियों का तबादला भी हो सकता है क्योंकि शासन अब और फजीहत झेलने के मूड में है नहीं।
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‘प्रशासनिक गुंडागर्दी से हुआ कांठ में बवाल’

भाजपा के पूर्व सांसद और क्रिकेटर चेतन चौहान ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर कांठ में गुंडागर्दी करने के आरोप लगाए हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से पंचायत में हिस्सा लेने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं को सरकार के इशारे पर पुलिस ने बेरहमी से पीटा। एसएसपी द्वारा एसडीएम को पीटना ये साबित करता है कि पुलिस पहले से मन बनाकर पहुंची थी कि निर्दोष लोगों को बेरहमी से पीटना है।

पूर्व सांसद मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे जिला कारागार पहुंचे और उन्होंने जेल में बंद भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। डेढ़ घंटे बाद जेल से बाहर आए चेतन चौहान ने कहा कि जेल में बंद कार्यकर्ताओं के शरीर पर मौजूद चोटें बता रही हैं कांठ में शासन के इशारे पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह गुंडागर्दी पर उतर आया था। भाजपा के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से पंचायत करने जा रहे थे लेकिन एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बिना कुछ पूछे ही उन पर लाठीचार्ज करा दिया। जिसमें एक एसडीएम को भी एसएसपी ने जमकर पीटा। बोले, पुलिस लाठीचार्ज की वजह से लोग ट्रैक पर भाग गए और वहां भी पुलिस ने बात करने के बजाए सीधे फायरिंग करा दी। जिससे लोगों का आक्रोश फट पड़ा और उन्होंने कुछ पत्थर फेंके।

पूर्व सांसद ने कहा कि हमें डीएम के जख्मी होने का अफसोस है और हम चाहते हैं वो जल्द स्वस्थ्य हों, लेकिन हम यह भी मांग करते हैं कि निर्दोष भाजपा कार्यकर्ताओं की बेरहमी से पिटाई कराने वाले पुलिस प्रशासनिक अफसरों को भी मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा जाए। एसएसपी को तत्काल सस्पेंड किया जाए।
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