मुंबई ब्लास्ट मामले में संजय दत्त को मिली पांच साल की सजा के बाद भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू अभिनेता के समर्थन में उतर आए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के जज रह चुके काट्जू ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन को पत्र लिखकर दत्त को माफी देने की गुजारिश की है।
काटजू ने दत्त को संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत माफ किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि अभिनेता को 1993 के धमाकों में किसी भूमिका के लिए दोषी करार नहीं दिया गया है।
काटजू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए दत्त को कानून के तहत न्यूनतम सजा सुनाई है।
आर्म्स एक्ट की धारा 25 (ए) के मुताबिक यदि किसी शख्स को अवैध हथियार रखने का दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल की सजा सुनाई जा सकती है।
काट्जू ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत माफी देने का अधिकार न्यायिक शक्ति से अलग है। किसी को अदालत द्वारा न्यूनतम सजा सुनाए जाने के बाद भी राज्यपाल या राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह दोषी की सजा माफ कर दें या सजा कम कर दें।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल हत्या में दोषी ठहराए गए कमांडर नानावती को माफी दे चुके हैं। इसलिए वे दत्त को भी माफी दे सकते हैं।
दत्त को माफी देने के लिए तर्क रखते हुए काट्जू ने कहा है कि उन्होंने अपराध 20 साल पहले अलग परिस्थितियों में किया था। लेकिन तब से उन्होंने बहुत कष्ट झेले हैं। अब उनके दो छोटे बच्चे हैं।
दत्त के माता-पिता नरगिस और सुनील दत्त ने भी समाज के लिए काफी कुछ किया था। संजय दत्त भी अपनी फिल्मों से गांधी जी का संदेश फैला रहे हैं। ऐसे में राज्यपाल को उन्हें माफ करना चाहिए।