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कीर्ति पर कार्रवाई को लेकर असमंजस में भाजपा

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वित्त मंत्री अरूण जेटली की दिन ब दिन मुश्किलें बढ़ा रहे सांसद कीर्ति आजाद पर अनुशासन का ड़ंडा चलाने को लेकर भाजपा आलाकमान असमंजस में है। तो आलाकमान की तमाम नसीहतों को दरकिनार कर जेटली के खिलाफ सियासी हमला बोल रहे आजाद पर कार्रवाई करने को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
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सूत्र बताते हैं कि पार्टी एवं सरकार के कुछ लोगों ने शाह से इस बात की मांग कि है कि वे आजाद के खिलाफ अनुशासन की कार्रवाई करें। बावजूद उसके आजाद के खिलाफ अनुशासन की कार्रवाई को लेकर सुगबुगाहट नहीं है। कार्रवाई पर आलाकमान असमंजस में है।

मंगलवार को होने वाली पार्टी के संसदीय दल की बैठक में यह मामला उठ सकता है। कुछ सांसद मामले को संसदीय दल की बैठक में उठाने की तैयारी में हैं। डीडीसीए मामले के जरिए जेटली पर लग रहे आरोंपो के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही थी।
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जेटली के पक्ष में दिया बयान

सियासी गलियारे में प्रथम पंक्ति के नेताओं की चुप्पी को लेकर उठ रहे सवालों को थामने के प्रयास में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने देर शाम जेटली के पक्ष में बयान दिया। शाह ने कहा कि अरूण जेटली ने अपना सार्वजनिक जीवन उच्च सिद्धांतों के साथ जिया है। यह पूरा देश जानता है।

उन्होंने कहा कि यदि आप (आम आदमी पार्टी) को यह लगता है कि इससे जेटली की छवि धुमिल होगी। तो यह दिवास्वप्न है। हालांकि आजाद पर पार्टी के अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मामला अभी पार्टी के अनुशासन समिति तक भी नहीं पहुंचा है।

जबकि जेटली और कीर्ति आजाद के बीच की सार्वजनिक जंग से देश की सियासत गर्म है। भाजपा की अनुशासन समिति के राष्ट्रीय प्रमुख गणेशी लाल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उन्होंने यह मामला टीवी और समाचार पत्रों में ही देखा और पढ़ा है। लेकिन कार्रवाई के लिए उनके पास पार्टी की ओर से इस मामले में अब तक कुछ भी नहीं आया है।
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जेटली पर चुप्पी पार्टी की अंदरूनी सियासत

वहीं प्रथम पंक्ति के नेताओं की जेटली विवाद पर चुप्पी को पार्टी के अंदरूनी सियासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जेटली के करीबी पहले ही यह आरोप लगा चुके हैं कि आजाद की मुहिम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इशारे पर है। सोमवार को लोकसभा में सोनिया सार्वजनिक रूप से आजाद को बोलने का मौका देने की वकालत करती दिखीं।

बावजूद उसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जेटली के बचाव में अब तक कोई बयान नहीं दिया है। तो गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी की ओर से भी जेटली के पक्ष में बयान नहीं आया है।

जबकि साल भर पहले ही राजनाथ सिंह के खिलाफ फैली अफवाहों का खुद पीएम मोदी ने ट्वीट कर न सिर्फ खंडन किया बल्कि सिंह के साथ अपनी मजबूती दिखाई। तो बीते मानसून सत्र में सुषमा पर ललित मोदी को मदद करने के लगे आरोपों के बीच राजनाथ ने तुरंत पीएम से बातचीत कर सरकार का समर्थन जताया था।

तो शाह ने भी बयान देकर पार्टी की एकजुटता दिखाई थी। यही वजह है कि जेटली पर लग रहे आरोपों के बीच इन तमाम बडे नेताओं की चुप्पी सवाल खड़े कर रही थी। लेकिन शाह ने जेटली के पक्ष में बयान देकर इन आरोपों को थामने का प्रयास किया है।
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