गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए बयान ने कांग्रेस को हमले का नया हथियार दे दिया है। पर्रिकर ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि 2002 में गुजरात दंगे प्रशासनिक नाकामी और गवर्नेंस का खराब उदाहरण था।
इस पर कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी सुशासन को लेकर भले कितने दावे करें, लेकिन उनकी पार्टी के एक अन्य मुख्यमंत्री ने ही उनके दावों की पोल खोल दी है।
कांग्रेस का कहना है कि पर्रिकर ने उसके इस दावे को सही ठहराया है कि मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में दंगों को कंट्रोल करने के लिए कोई कोशिश नहीं की।
हालांकि, भाजपा ने पर्रिकर के बयान को ज्यादा तरजीह नहीं दी, लेकिन कांग्रेस ने मौका लपक लिया है।
कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा, 'हम यह 2002 से कह रहे हैं। यहां तक कि वाजपेयी ने भी मोदी को राजधर्म का पालन करने के लिए कहा था। अब भाजपा के मुख्यमंत्री भी यही कह रहे हैं। हालांकि, उन्हें इस बात का अहसास देर से हुआ, लेकिन देर आए, दुरुस्त आए।'
17 साल पुरानी रिश्तेदारी तोड़ने वाली जनता दल यूनाइटेड ने भी पर्रिकर को सही ठहराया है।
पार्टी प्रमुख शरद यादव ने कहा, 'पर्रिकर सही कह रहे हैं। अगर मुख्यमंत्री ठान लें, तो दंगा आधे दिन में खत्म किया जा सकता है। जो कुछ हुआ, ठीक नहीं हुआ।'