संसद के मात्र 12 बैठकों वाले शीतकालीन सत्र के अब तय समय से पहले ही शुक्रवार को समाप्त हो जाने की संभावना है।
तेलंगाना समेत विभिन्न मुद्दों पर संसद में जारी गतिरोध के चलते सरकार की ओर से ऐसे संकेत मिले हैं। दूसरी तरफ प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने सरकार की इस पहल पर सख्त ऐतराज जताते हुए कहा कि वह इस फैसले का विरोध करेगी।
माना जा रहा है कि सरकार बृहस्पतिवार को संसद में वित्तीय कामकाज निपटाने के बाद शीतकालीन सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर देगी। कांग्रेस ने वित्तीय कामकाज निपटाने के लिए अपने सांसदों को ह्विप जारी कर दिया है।
हालांकि, सत्र को तय समय से पहले समाप्त करने को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं आया है, लेकिन सरकार की मंशा की भनक लगते ही भाजपा विरोध में उतर आई है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर पार्टी नेताओं की बुधवार शाम हुई बैठक में सरकार की इस पहल का विरोध करने का फैसला किया गया।
पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद सरकार अब संसद से भाग रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के इस फैसले का विरोध करेगी।
दरअसल, तेलंगाना के मसले पर नाराज कांग्रेस के ही कुछ सांसदों ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए हैं। इसके अलावा महंगाई, टूजी पर जेपीसी जांच रिपोर्ट, कोलगेट समेत विभिन्न मामलों पर सरकार विपक्ष के निशाने पर है। माना जा रहा है कि सरकार इसलिए ही संसद सत्र को इसी हफ्ते खत्म करने के पक्ष में है।