समलैंगिक संबंधों को अपराध ठहराए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने रूढ़िवादी बताया है।
उन्होंने कहा कि दो वयस्कों के बीच यौन संबंधों को अपराध कैसा माना जा सकता है, जबकि संबंध सहमति से बने हों। रमेश का कहना है कि यदि वयस्क होने पर दो पुरुष या दो महिलाएं शारीरिक संबंध बनाती हैं तो यह अपराध नहीं हो सकता है।
रमेश ने कहा यह उनकी निजी राय है। वे ऐसा मानते हैं कि यह 21वीं सदी है। आधुनिक युग में इस तरह की रूढ़िवादी सोच की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। समलैंगिक संबंधों को पुराने विचारों से नहीं बल्कि आज की आधुनिक सोच के आधार पर देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे दिल्ली हाईकोर्ट के वर्ष 2009 के फैसले से सहमत हैं, जिसमें कहा गया था कि समलैंगिक संबंधों को अपराध नहीं माना जा सकता है।