किसानों की कर्ज माफी योजना मुद्दे पर विपक्षी दल के सांसदों ने बुधवार को लोकसभा में भारी हंगामा किया। हंगामे के चलते बुधवार को संसद को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। आज लोकसभा का प्रश्नकाल सत्र शुरू होते ही मुख्य विपक्षी दल भाजपा, सपा और माकपा के सांसद शोर शराबा करने लगे।
भाजपा के वरिष्ठ सांसद मुरली मनोहर जोशी और गोपीनाथ मुंडे सीट से खड़े होकर कैग रिपोर्ट में गड़बड़ी के बारे में बोलने लगे। वे जोर-शोर से इस मुद्दे की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे थे।
माकपा के वासुदेव आचार्य ने भी यह मामला उठाया। सपा के ब्रजभूषण शरण सिंह सहित अन्य विपक्षी दलों के सांसद सदन के आसन के सामने आकर नारे बाजी करने के लगे।
लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के बार-बार अनुरोध के बावजूद वे शांत नहीं हुए। इसके बाद स्पीकर ने दिन में 12 बजे तक के लिए लोकसभा को स्थगित कर दी। विपक्ष के हंगामे की चलते लगातार तीसरे दिन प्रश्नकाल में ही सदन को स्थिगित करना पड़ा है।
उल्लेखनीय है कि 2008 में किसानों की कर्ज माफी के ऑडिट में सीएजी ने भारी गड़बड़ियों का खुलासा किया है। सीएजी की रिपोर्ट में किसानों को कर्ज माफी में दिए गए 52 हजार करोड़ रुपये में भारी गड़बड़ियों की बात कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक कर्ज के सही हकदारों की ठीक से पहचान नहीं की गई और जिन्हें यह फायदा नहीं मिलनी चाहिए था, उनको भी पैसे दिए गए। ऐसा करने में कई नियमों का उल्लंघन किया गया।