बेसिक शिक्षा के एक स्कूल में शिक्षक पढ़ाने के बजाय इश्क में लगे हुए हैं। चौंकिये मत, यह सही है। ऐसा जवां ब्लॉक की बरौली न्याय पंचायत के एक मजरा में स्थित प्राथमिक विद्यालय में हो रहा है। शादीशुदा शिक्षामित्रों की हरकत से जहां शिक्षा समिति ने उनके सेवा समाप्ति की कार्रवाई को लिख दिया है। वहीं, विद्यालय के माहौल को देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है। हालत यह है कि स्कूल में जहां पहले करीब 100 छात्र पढ़ते थे, वहीं अब वहां करीब 30 छात्र ही रह गए हैं।
प्राथमिक विद्यालय में करीब चार साल पहले शिक्षामित्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन थोड़े ही दिन बाद शिक्षामित्र रामकुमार और सोनाक्षी (परिवर्तित नाम) ने बच्चों को पढ़ाने के बजाय इश्क लड़ाना शुरू कर दिया। कई बार उनको ग्रामीणों ने आपत्तिजनक स्थिति में भी पकड़ा। बाद में जब ग्रामीणों ने उन पर अंकुश लगाना शुरू किया तो रामकुमार, सोनाक्षी को लेकर कहीं चला गया। इसकी रिपोर्ट सोनाक्षी के पति ने रामकुमार के खिलाफ दर्ज करा दी।
बाद में दोनों मिल गए और दुबारा से स्कूल में पढ़ाने लगे, लेकिन उनकी हरकतें चालू रहीं। इस पर शिक्षा समिति ने कार्रवाई का प्रस्ताव बनाकर बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। सूत्रों की मानें तो जांच टीम ने भी आरोपों की पुष्टि कर दी है। अब बीएसए ने डीएम के पास फाइल भेज दी है।
जांच टीम ने आरोपों को सही पाया था, इसके लिए फाइल डीएम के पास भेज दी है। शिक्षामित्रों की सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई करने का अधिकारी डीएम के पास ही होता है।
- डॉ. एमपी सिंह, बीएसए