हम सब यह सुनते और पढ़ते आए हैं कि महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ कहा जाता है। लेकिन भारत सरकार आधिकारिक तौर पर महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ घोषित नहीं कर सकती है। संविधान के आगे भारत सरकार भी मजबूर है। तभी तो गृह मंत्रालय ने लखनऊ की बाल आरटीआई कार्यकर्ता ऐश्वर्या पाराशर को दिए सूचना में कहा है कि सरकार महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ घोषित करने के संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं कर सकती है।
सरकार की मजबूरी
गृह मंत्रालय ने बाल आरटीआई कार्यकर्ता को दिए सूचना में कहा है कि महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' घोषित करने की अधिसूचना जारी नहीं की जा सकती क्योंकि संविधान की धारा 18 (1) के अंतर्गत राज्य द्वारा शैक्षणिक और सैनिक उपाधियों को छोड़कर सभी उपाधियां निषेध हैं।
ऐश्वर्या ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि मोहनदास करमचंद गांधी को 'राष्ट्रपिता' घोषित करने के लिए सरकारी आदेश जारी करने की कृपा करें। उसने इसकी प्रतिलिपि राष्ट्रपति को भी भेजी थी। ऐश्वर्या ने पत्र में लिखा था कि आरटीआई के तहत उसने उस आदेश की प्रति मांगी थी, जिसमें गांधीजी को 'राष्ट्रपिता' घोषित किया गया हो, लेकिन राष्ट्रीय अभिलेखागार ने बताया था कि उनके पास इस प्रकार का कोई आदेश नहीं है।
ऐश्वर्या को गृह मंत्रालय ने यह जानकारी तब दी जब उसने आरटीआई के तहत राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा भेजे गए उसके पत्र पर की गई कार्यवाही की जानकारी मांगी थी। गृह मंत्रालय ने कहा कि उसके अनुरोध पर कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं समझी गई।