मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब को कथित तौर पर पढ़ाने वाले एक स्कूल टीचर ने उसके जिंदा होने का दावा किया है।
पंजाब प्रांत के ओकारा जिले स्थित फरीदकोट प्राइमरी स्कूल के इस टीचर ने बुधवार को एक पाक अदालत में कहा कि जिस कसाब को वह जानते हैं, वो जिंदा है और भारत में जिसे फांसी दी गई, वह कसाब नहीं है।
कसाब को 2012 में मिली थी फांसी
उन्होंने कहा कि फांसी दिए जाने वाले कसाब का तो कभी इस स्कूल में दाखिला ही नहीं हुआ। इस टीचर ने आतंकवाद निरोधक अदालत, इस्लामाबाद में एक अभियोजक गवाह के तौर पर यह बात कही। इसी अदालत में 26/11 मामले की सुनवाई चल रही है।
हमले में 166 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। कसाब के बयान को अंग्रेजी में रूपांतरित करने वाले एक दूसरे गवाह नमल यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के प्रमुख भी अदालत के समक्ष पेश हुए। इसके बाद अदालत ने 14 मई तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी।'
दावे का बाद उठा विवाद
अजमल कसाब मुंबई हमले का एकलौता जिंदा गिरफ्तार आतंकी था। पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद नवंबर 2012 में महाराष्ट्र के यरवड़ा जेल में गुपचुप तरीके से कसाब को फांसी दी गई थी।
इस मुंबई अटैक के लिए पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी, अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हमद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जामिल अहमद और अंजुम को आरोपी बनाया गया है। ये सभी आरोपी पाकिस्तान के अदिला जेल में बंद है।