पाकिस्तान का एक परिवार अपने मानसिक रूप से कमजोर बेटे के लिए प्रार्थना करने को बहुत उम्मीदों के साथ मुंबई में हाजी अली की दरगाह पर आया था।
उनकी प्रार्थना कबूल हुई या नहीं, पता नहीं लेकिन माया नगरी ने उनके साथ ऐसा सलूक किया, जिसने इस परिवार के दिलों में कड़वाहट भर दी होगी। इस परिवार को सिर छिपाने के लिए एक अदद छत नहीं मिली।
सारे होटल वालों ने उन्हें कमरा देने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से पूरे परिवार को सड़क किनारे पटरी पर रात बितानी पड़ी।
पांच लोगों का यह परिवार चार अक्तूबर को 40 दिन के वीजा पर भारत आया था। बुधवार दोपहर को ये लोग जोधपुर से सूर्यनगरी एक्सप्रेस द्वारा मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनकी यहां तक की यात्रा तो ठीक रही लेकिन इसके बाद मुसीबतों का दौर शुरू हो गया।