न्यूयॉर्क में भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की गिरफ्तारी से पैदा हुए विवाद के बीच पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक हुसैन हक्कानी ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नसीहत देते हुए कहा है कि विदेशी राजनयिकों के साथ कैसा बर्ताव करें उन्हें यह समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी एजेंसियों को वैश्विक वास्तविकताओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। हक्कानी अमेरिका में पाक के राजदूत रह चुके हैं। देवयानी के कथित वीजा फ्रॉड मामले में प्रतिक्रिया देते हुए हक्कानी ने कहा कि ज्यादातर देशों में अमेरिकी राजनयिकों को कानून में तय सुविधाओं से ज्यादा अधिकार मिले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर सभी देशों में अमेरिकी मिशन को बैरियर लगाकर सुरक्षा घेरे में रखा गया है और अमेरिकी राजनयिकों को हवाईअड्डों पर विशेष रास्ते से जाने-आने की सुविधा हासिल है। इस तरह की सुविधाओं के चलते अमेरिकी राजनयिक आतंकी खतरे से बचे रहते हैं।
द डेली बीस्ट में हक्कानी ने लिखा है कि अमेरिकी एजेंसियों को किसी विदेशी राजनयिक या काउंसलर एजेंट को गिरफ्तार करके नया बवंडर खड़ा करने से पहले वैश्विक वास्तविकता पर गौर करना चाहिए।
हक्कानी ने लाहौर में अमेरिकी काउंसलर ऑफीसर रेमंड डेविस द्वारा दो पाकिस्तानी की हत्या का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि यह जघन्य आपराधिक मामला था, इससे इस्लामाबाद और वाशिंगटन के रिश्तों पर असर पड़ सकता था।