राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की वार्ता पर पाकिस्तान की अड़ंगेबाजी की एक बड़ी वजह भारत की ओर से आतंकवाद के मसले पर जुटाया गया सबूतों का अंबार भी है।
दरअसल वार्ता पर संदेह के बादल के बावजूद भारत ने आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान का मुंह बंद करने के लिए ठोस रणनीति तैयार की थी। इस क्रम में भारत ने इस्लामाबाद का काला चिट्ठा खोलने केलिए नया डोजियर तैयार किया है।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने सीमा पार आतंकवाद पर ठोस सबूत पेश करने के अलावा मुंबई धमाकों और हमला मामले में भी पाकिस्तान को बैकफुट पर ढकेलने की रणनीति तैयार की है।
दाउद के भी सबूत भारत के पास!
भारत की योजना दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन सहित तमाम वांछित अपराधियों
के पाकिस्तान में छुपे होने के सबूत भी देने की है। भारत गुरदासपुर हमले
में शामिल आतंकवादियों के पाक से आने और जम्मू में जिंदा पकड़े गए आतंकी
नावेद के पाकिस्तानी होने के सबूत भी पाक को सौंपना चाहता है।
ये सभी सबूत
पाकिस्तान को भारी पडे़ंगे और वह भारत के जाल में बुरी तरह उलझ सकता है। भारत
को पता है कि पाकिस्तान समझौता एक्सप्रेस के साथ ही बलूचिस्तान में कथित
तौर पर भारत के दखल का मामला उठाएगा।
समझौता एक्सप्रेस धमाका मामले में
भारत का तर्क होगा कि फिलहाल इस मामले के सारे आरोपी जेल में हैं। मुंबई
हमला मामले में शामिल लखवी की तरह इस मामले में किसी को जमानत नहीं मिली
है।
हाफिज पर भी होगी चर्चा
वार्ता की तैयारी के तहत ही डोभाल ने शुक्रवार को खुफिया प्रमुखों की
उपस्थिति में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से लंबी चर्चा की। इस दौरान हुर्रियत
नेताओं की पाकिस्तानी एनएसए सरताज अजीज से मुलाकात टालने की रणनीति पर भी
चर्चा हुई।
वार्ता के दौरान भारत खासतौर से पाकिस्तानी सेना और
आईएसआई की मदद से बीते कुछ समय से कश्मीर में घुसपैठ की बढ़ती घटना का
जिक्र करेगा।
वार्ता के दौरान भारत की योजना पीओके में चल रहे आतंकी
शिविरों का सबूत मुहैया कराने के साथ 26/11 मामले में शामिल आतंकी हाफिज
सईद के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने और लखवी को जमानत दिए जाने का मामला
उठाएगा।
गुरदासपुर के हमलावर के पाकिस्तान से आने के सबूत के तौर पर भारत
इनके जीपीएस सिस्टम और नाइट विजन डिवाइस भी सौंपेगा