कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो मंजिल अपने आप आसान हो जाती है। शायद यही जज्बा और सेवा भाव पदमा को अन्य लोगों से अलग करती है। तभी तो नवनिर्वाचित प्रधान डॉ. पदमा धीमान ने सेना में प्रवक्ता की नौकरी करने के बजाय गांव की सेवा करने को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने सेना में इंटर कालेज के प्रवक्ता पद के लिए हुई परीक्षा को पास कर लिया है। बावजूद इसके उन्होंने प्रधानी करते हुए गांव में समग्र विकास कराने की बात कही है। गांव को हाईटेक बनाना उनका सपना है।
विकास खंड पुवांरका की ग्राम पंचायत गागलहेड़ी से चुनी गई बिजेंद्र धीमान की पत्नी डा. पद्मा धीमान एमए, पीएचडी और नेट परीक्षा पास हैं।