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पाक की इस करतूत से पर्यावरण पर बढ़ा खतरा!

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पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय वन्य जीव संरक्षण कानून का उल्लंघन कर रहा है, जिससे राजस्थान का पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
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पाकिस्तान सरकार ने खाड़ी देशों के शाही परिवारों को गोडावण पक्षी की एक प्रजाति होबारा बस्टर्ड के शिकार की इजाजत दे दी है। माना जाता है कि इस पक्षी के मांस को खाने से यौन क्षमता बढ़ती है। ये पक्षी राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने भारत सरकार से दखल देकर पाकिस्तान पर इस आदेश को वापस लेने का दबाव डाला है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय वन्य जीव संरक्षण कानून पर हस्ताक्षर किए हैं और अब वह इसका उल्लंघन भी कर रहा है। बड़े आकार का होबारा बस्टर्ड पक्षी पहले ही लुप्त होती प्रजातियों में शामिल है।
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जयपुर में चल रही 36वीं राष्ट्रीय ज्योग्राफी कांग्रेस में आए विशेषज्ञों ने बताया कि हाल में 16 नवम्बर को ही पाकिस्तान ने खाड़ी देषों को सिंध प्रांत के जिलों में इस पक्षी के शिकार की इजाजत दी है। ये जिले राजस्थान की सीमा से लगते हुए हैं।
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पर्यावरण पर पड़ेगा असर

थार रेगिस्तान का फैलाव दोनों देशों में है और यह पक्षी यहां के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। शिकार की इजाजत मिलने से यह पक्षी बिल्कुल खत्म हो जाएगा।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मिलाप पूनिया का कहना है कि हमारे देश में थार रेगिस्तान के वनस्पतियों और यहां की पारिस्थितिकी संतुलन को बचाने के कई प्रयास चल रहे हैं।

ऐसे में इन पक्षियों के शिकार को बढ़ावा देने से यहां के पारिस्थितिक संतुलन को खतरा पैदा होगा। इस बारे में केन्द्र सरकार को पाकिस्तान से बात करनी चाहिए। यह दोनों ही देशों के हित में होगा।
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