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मेरठ: गिरफ्त में अवैध रूप से रह रहा पाक नागरिक

Thu, 04 Sep 2014 11:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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शहर में अवैध रूप से रहते हुए पकड़े गए पाक नागरिक को एसीजेएम प्रथम की अदालत ने साढ़े तीन साल जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है।
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एलआईयू ने उसे करीब तीन साल पहले शहर से गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में ही है। ऐसे में छह माह बाद उसकी सजा पूरी होने पर उसे पाकिस्तान के सुपुर्द किया जाएगा।

लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) ने आठ अगस्त 2011 को मोहम्मद कमर उर्फ मोहम्मद कामिल निवासी 95 एफ, चौक रंगमहल लाहौर को डॉ. सैन वाली गली खैर नगर से गिरफ्तार किया था।
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उस पर बिना वीजा, पासपोर्ट भारत में रहने के आरोप में थाना देहली गेट पर 14 विदेशी अधिनियम में केस दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से कामिल जिला जेल में बंद है।
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दोबारा आया तो गया ही नहीं

अभियोजन की मजबूत पैरवी, गवाही और साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपी को सजा सुनाई गई। कामिल का जन्म पाकिस्तान में होना माना गया, लेकिन उसका दावा था कि वह भारत में ही पैदा हुआ था। उसके करीबी रिश्तेदार मेरठ में रहते हैं।

हालांकि, यह भी सामने आया कि उसकी शिकायत किसी रिश्तेदार ने ही की थी। खुफिया एजेंसियों ने पड़ताल की तो पता चला कि कामिल वर्ष-1990 में वैध पासपोर्ट पर भारत आया था। कुछ दिनों बाद वह पाकिस्तान चला गया था।

इसके बाद वर्ष-1991 में वह अवैध रूप से भारत में घुस आया। इस दौरान वह दिल्ली और आसपास के जिलों में रहा। मेरठ में भी उसका आना-जाना था। वर्ष-2010 में जब एलआईयू को पता चला तो उसने इसकी गोपनीय जांच शुरू कर दी।
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फिंगर प्रिंट से मिली मदद

खुफिया अफसरों ने उसके फिंगर प्रिंट और लिखावट के दस्तावेज हासिल कर लिए। वर्ष-1990 में उसके भारत आने के दौरान जमा कराए रिकॉर्ड में उपलब्ध फिंगर प्रिंट से मिलान कराया तो दोनों मैच हो गए।

यही साक्ष्य उसे सजा दिलाने में अहम साबित हुआ। एसीजेएम प्रथम एसएम सहाय की कोर्ट ने आरोपी की आयु को देखते हुए तीन साल छह माह की जेल और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

कोर्ट ने आरोपी के जेल में रहने की अवधि को सजा में समायोजित करने के भी निर्देश दिए।
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