एक महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे द एनर्जी एंड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट (टेरी) के महानिदेशक आर के पचौरी ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपनी जमानत याचिका को वापस ले लिया है। अनुमान है कि वो राहत पाने के लिए निचली अदालत का रूख कर सकते हैं।
जस्टिस एस पी गर्ग की अदालत से समक्ष दायर की गई जमानत याचिका को कॉज सूची से हटा लिया गया है क्योंकि पचौरी अब निजली अदालत के जरिए राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
अग्रिम जमानत पाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद जस्टिस गर्ग ने गत 19 फरवरी को पचौरी की गिरफ्तारी पर अंतिरिम सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
यह आदेश पारित करने से पहले अदालत ने पचौरी को सलाह दी थी कि वो निचली अदालत से सक्षम जज के समक्ष जमानत अर्जी दाखिल कर दें।
गौरतलब है कि इससे पहले हाइकोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन किया था जिसमें मीडिया को यह सलाह दी थी कि जाने माने थिंक टैंक आर के पचौरी से संबंधित यौन उत्पीड़न की इस खबर का प्रकाशन न करें।