राज्यसभा में सोमवार को एक अलग नजारा देखने को मिला। वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उप सभापति पीजे कुरियन के बीच तकरार हो गई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही करीब एक घंटे तक बाधित रही।
कुरियन ने सदन में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ दंगे पर अपनी बात रखने को कहा। इससे पहले भाजपा सदस्यों ने जोरदार मांग की थी कि इस मुद्दे पर जेटली को बोलने दिया जाए क्योंकि रविवार को उन्हें किश्तवाड़ जाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
इस बीच, चिदंबरम ने कहा कि वह इस मुद्दे पर बयान देना चाहते हैं और उन्हें पहले अनुमति दी जानी चाहिए। मगर कुरियन ने साफ किया कि वह पहले ही जेटली को अपनी बात रखने की अनुमति दे चुके हैं, इसलिए वित्त मंत्री जेटली के बाद बयान दे सकते हैं।
उन्होंने चिदंबरम से कहा कि अगर उन्हें बयान देना था तो उन्हें इसकी सूचना पहले देनी चाहिए थी। इस पर चिदंबरम ने नाराजगी जताते हुए कहा ‘यह बिल्कुल नई प्रक्रिया है। मैं सम्मानजनक तरीके से इस पर अपना विरोध दर्ज कराना चाहता हूं।’
कांग्रेस के अहमद पटेल, अंबिका सोनी और सत्यव्रत चतुर्वेदी ने भी चिदंबरम की बात का समर्थन करते हुए कुरियन से कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर बयान देने की अनुमति पहले दी जानी चाहिए।
बावजूद इसके कुरियन अपनी बात पर कायम रहे। जबकि चिदंबरम फैसले पर लगातार अपना विरोध जताते रहे।
भाजपा सदस्यों ने सत्तारूढ़ दल की आपत्तियों को लेकर विरोध जताया। इस पर हंगामा शुरू हो गया, जिसके कारण कुरियन बैठक स्थगित कर दी।