देश भर की अदालतों में बलात्कार के 80 प्रतिशत से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं। यह बात सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पी सतशिवम ने शनिवार को कही।
वूमेन लॉयर्स एसोसिएशन के स्वर्ण जयंती समारोह में यहां न्यायाधीश ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और लैंगिक भेदभाव के मामलों को खत्म करने के लिए महिला वकीलों की भूमिका बेहद अहम हो सकती है।
उन्होंने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के 2011 के आंकड़ों के अनुसार देश भर में 83.6 प्रतिशत मामले अदालतों में लंबित पड़े हैं। सतशिवम के अनुसार महिला वकील इन्हें निबटाने की पहल कर सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के एक और जज न्यायाधीश फाकिर मोहम्मद इब्राहिम कलीफुल्ला ने कहा कि महिलाओं का शोषण समाज की हकीकत है। महिलाओं का विकास उनके द्वारा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने में ही निहित है।