दिल्ली में चलती बस में युवती से हुई दरिंदगी के खिलाफ पूरे देश में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। पीड़िता के समर्थन में विजय चौक पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फिर लाठी चार्ज किया गया है।
खबर है कि पुलिस ने लोगों को खदेड़ विजय चौक को खाली करा अपने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद प्रदर्शनकारी राजपथ पर चले गए हैं। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल बनाने का आग्रह किया है। लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हिल रहे हैं।
राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा, फांसी की मांग
इधर प्रदर्शन के दौरान ही कुछ लोगों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में इन लोगों ने बलात्कारियों को फांसी देने मांग की। इन पांच लोगों को पुलिस अपने साथ राष्ट्रपति के पास ले गई थी।
वीके सिंह भी इंडिया गेट पहुंचे
इस बीच पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में इंडिया गेट पहुंचे। वीके सिंह ने कहा कि सरकार अगर आम लोगों को सुरक्षा नहीं दे सकती है तो उन्हें त्यागपत्र देकर घर बैठना चाहिए। उन्होंने इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की।
रायसीना हिल्स पर जोरदार विरोध प्रदर्शन
इससे पहले शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं-युवतियों ने रायसीना हिल्स पर जुटकर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर गैंगरेप के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की भी मांग की गई। इंडिया गेट, जंतर मंतर और सफदरजंग अस्पताल के पास भी इसी तरह के प्रदर्शन होते रहे।
सभी छह आरोपी गिरफ्तार
इस बीच, पुलिस ने फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस तरह मामले में अब सभी छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस ने बताया कि एक आरोपी को बृहस्पतिवार रात आनंद विहार बस अड्डे से दबोचा गया। यूपी के बदायूं का रहने वाला यह युवक खुद को नाबालिग बता रहा है। पुलिस उसके इस दावे की जांच कर रही है। वहीं, छठे आरोपी अक्षय ठाकुर को बिहार के औरंगाबाद से उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने लिया पीड़िता का बयान
वसंत विहार के एसडीएम पीड़ित युवती के बयान लेने शुक्रवार रात सफदरजंग अस्पताल पहुंचे। उनके साथ एक और एसडीएम तथा पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी थे। सूत्रों ने बताया कि आईसीयू में ही युवती के बयान लिए गए। उसने बोलकर अपने बयान दर्ज कराए। बयान लेने का काम देर रात तक होता रहा।