टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में विपक्ष ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीसी चाको पर निशाना साधा है। अब विपक्ष पीसी चाको को चेयरमैन पद से हटाने की मांग कर रहा है।
भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार से मुलाकात कर चाको को उनके पद से हटाने की मांग की। मीरा कुमार को सौंपे गए ज्ञापन पर 15 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।
रिपोर्ट लीक होने से नाराजगी
इससे पहले जेपीसी को लेकर राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में भाजपा, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, बीजद, जनता दल यूनाइटेड और अन्नाद्रमुक के नेताओं ने भाग लिया।
भाजपा समेत कई दल जेपीसी की मसौदा रिपोर्ट लीक होने से नाराज हैं। उन्होंने चाको के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है।
जेपीसी की बैठक स्थगित
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद अंबिका बनर्जी के निधन के कारण जेपीसी की मसौदा रिपोर्ट पर विचार करने के लिए आज होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई। अब यह बैठक अगले हफ्ते होगी।
इधर पीसी चाको ने सभी सदस्यों से समिति की मसौदा रिपोर्ट को सर्वसम्मति से स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
मतदान के पक्ष में नहीं चाको
उन्होंने कहा कि वह रिपोर्ट पर मतदान के पक्ष में नहीं हैं। जो सदस्य किसी बात से असहमत हैं वे लिखित रूप में अपनी असहमति दर्ज करा सकते हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक समिति की मसौदा रिपोर्ट में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को क्लीन चिट दी गई है। रिपोर्ट में पूर्व संचार मंत्री ए राजा को ही दोषी ठहराया गया है।
कोलगेट और टूजी की गूंज सदन में भी सुनाई दी। राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे की वजह से कई बार कामकाज बाधित हुआ। विपक्ष के लगातार हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे और फिर 2 बजे तक स्थगित करनी पडी।