शारदा चिट फंड में हजारों करोड़ रुपये गंवाने वाले निवेशकों को राहत देने के लिए ममता सरकार ने अजब रास्ता निकाला है।
ममता ने पत्रकारों को बताया, ''पश्चिम बंगाल सरकार ने शारदा चिट फंड द्वारा ठगे गए निवेशकों को राहत देने के लिए 500 करोड़ रुपये का फंड बनाया है। इसमें 150 करोड़ रुपये सिगरेट पर 10 फीसदी टैक्स लगाकर जुटाए जाएंगे। बाकी की राशि अन्य स्रोतों से जुटाई जाएगी।''
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस कदम की कड़ी आलोचना हो रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार एक प्रकार से सिगरेट पीने वालों को प्रोत्साहित कर रही है कि वे टैक्स उगाही में मदद करें।
सेबी का अल्टीमेटम
वहीं बाजार नियामक संस्था सेबी ने शारदा ग्रुप के सीएमडी सुदीप्तो सेन को तीन महीने के भीतर निवेशकों को पैसा लौटाने को कहा है।
घोटाले की होगी जांच
शारदा चिटफंड मामले उजागर होने के बाद कॉरपोरेट मंत्रालय अन्य कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने जा रही है। जल्द ही इस मामले में कंपनी मामलों के मंत्री सचिन पायलट अधिकारियों के साथ बैठक करने वाले हैं।
मंत्रालय को पश्चिम बंगाल की 73 कंपनियों के खिलाफ शिकायत मिली है जो निवेशकों को लालच देकर रकम जुटा रही है। इन कंपनियों की विभिन्न एजेंसियां और विभाग जांच कर रही है।
पुलिस रिमांड पर सुदीप्तो
इस मामले में शारदा ग्रुप के चेयरमैन सुदिप्तो सेन, डायरेक्टर देबजनी मुखर्जी और अरविंद कुमार चौहान की कोलकाता की अदालत में आज पेशी हुई।
अदालत ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। कोर्ट के बाहर गुस्साए निवेशक जमा थे। इन लोगों ने भारी हंगामा किया।
'ब्लैकमेल कर पैसे मांग रहे थे'
इस मामले में शारदा ग्रुप के मालिक सुदीप्तो सेन ने अपनी गिरफ्तारी के बाद सीबीआई को पत्र लिखकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
सुदीप्तो ने पत्र में लिखा कि उन्हें टीएमसी के कई बड़े नेता ब्लैकमेल कर पैसे मांग रहे थे। साथ ही कहा कि ये नेता दबाव बना कर उनसे ऐसी जगह पैसे लगवा रहे थे जहां कंपनी को घाटा हो रहा था। इसी कारण उनकी कंपनी दिवालिया हो गई।
कई टीएमसी नेताओं पर आरोप
सुदीप्तो सेन ने अपनी चिट्ठी में कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस के दो राज्यसभा सांसदों और असम के एक मंत्री से रिश्ते होने की बात कही है। सेन का असम में भी चिट फंड का कारोबार है।
पत्र में 22 लोगों के नाम हैं जिन्होंने पैसा बनाने के लिए सेन का इस्तेमाल किया। इनमें एक दर्जन व्यापारियों के अलावा करीब पांच वरिष्ठ राजनीतिज्ञों के भी नाम हैं जो बंगाल में अपना चिट फंड बिजनेस चला रहे थे।
पत्र में बताया गया कि कैसे एक बिजनेस लॉबी ने सेन पर सिंगूर के पास पोलबा में घाटे में चल रही एक मोटरबाइक बनाने वाली कंपनी खरीदने के लिए दबाव डाला।
कंपनी के चेयरमैन सुदीप्तो सेन द्वारा कथित रूप से सीबीआई को लिखे पत्र में दो तृणमूल कांग्रेस विधायकों, कुणाल घोष और सृंजय बोस का नाम भी लिया गया है। इन पर उन्होंने ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए हैं।