प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार के बाद विरोधी दलों के निशाने पर आ गए हैं। कुछ विवादित चेहरों और कुछ के मंत्रालय बदले जाने को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री और एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम की कथनी और करनी में अंतर है।
साथ ही विपक्ष ने उन पर दागियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है। वहीं प्रधानमंत्री के बचाव में उतरे वित्त मंत्री अरुण जेटली और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया।
कांग्रेस पार्टी ने वाईएस चौधरी, रामशंकर कठेरिया और गिरिराज सिंह को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि संसद को दागियों से मुक्त कराने की बात करने वाले पीएम मोदी अपने मंत्रिमंडल को ही दागियों से मुक्त नहीं कर पा रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा है कि मोदी मंत्रिमंडल में पहले से ही दागी मंत्रियों की संख्या तेरह है। अब नए दागियों को सरकार में शामिल कर इनकी संख्या और बढ़ गई है।
चौधरी, कठेरिया और गिरिराज के मामलों को उठाते हुए कांग्रेस ने पीएम मोदी से देश के सामने सच्चाई रखने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने जेपी नड्डा को मंत्रिमंडल में शामिल कर स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने को एम्स के सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को पद से हटवाने का उपहार करार दिया है।