विदर्भ क्षेत्र की गोशीखुर्द परियोजना से जुडे़ ठेकेदारों के कथित बकाया भुगतान के लिये केंद्र सरकार को पत्र लिखने के कारण कांग्रेस के निशाने पर चल रहे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शनिवार को पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और कई कांग्रेसी नेताओं ने भी पत्र लिखा है।
गडकरी ने भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सम्मेलन में कहा कि मैंने एक नही पांच पत्र लिखा है और जरूरत पड़ी तो दस पत्र और लिखूंगा। उनकी तरह कांग्रेस के कई नेताओं, सांसदों नें केंद्र सरकार को पत्र लिखे हैं। फिर उनके पत्र पर इतना हो हल्ला क्यों मचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन पत्रों का एक ही मकसद है कि अक्सर सूखे की मार से त्रस्त रहने वाले विदर्भ क्षेत्र के लोगों की पानी की कमी को पूरा करने के लिहाज से यह परियोजना महत्वपूर्ण है।
भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की तरह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष माणिक राव ठाकरे और केंद्रीय सामाजिक कल्याण मंत्री मुकुल वासनिक ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। यही नहीं, अनेक सांसदों और विधायकों ने भी पत्र लिखकर इस परियोजना को जल्द पूरा करने की मांग की है।
गडकरी ने कहा कि यह परियोजना उस क्षेत्र में पड़ती है, जिस क्षेत्र से वह आते हैं। इस कारण अनेक सांसदों और विधायकों ने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि जनहित के लिए महत्वपूर्ण गोशीखुर्द परियोजना को जल्द पूरा कराने की जरूरत है। गडकरी ने कहा जनहित के लिये पत्र लिखने में कोई बुराई नहीं है।
उन्होंने कहा कि कि अगर इस परियोजना के किसी भी ठेकेदार के काम पर सरकार को आपत्ति है तो वह उसके खिलाफ कार्रवाई करे, लेकिन किसी एक की आड़ में पूरी परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाय, यह बर्दाश्त नहीं हो सकता। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कटाक्ष किया कि क्या किसी परियोजना को जल्द पूरा कराने के लिये प्रयास करना अपराध है।
भाजपा मुसलिम या दलित विरोधी नहीं: गडकरी
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अल्पसंख्यकों और दलितों सहित समाज के सभी वर्गों में पार्टी की छवि बेहतर बनाने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी मुसलिम या दलित विरोधी नहीं है। गडकरी ने कहा कि हम मुसलिम विरोधी या दलित विरोधी नहीं हैं। हम सबके कल्याण के लिए काम करना चाहते हैं, लेकिन झूठे प्रचार से हमारी छवि को निशाना बनाया गया है।
भाजपा सांप्रदायिक या जातिवादी पार्टी नहीं है। भाजपा महिला मोर्चा और सुशासन प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित ‘महिला कार्यशाला’ में उन्होंने कहा कि हमें जनता के बीच असली भाजपा की तस्वीर पेश करनी है। समाज के सभी शोषित वर्गों को अपने साथ लाना है। आदिवासियों, दलितों, अल्पसंख्यकों, असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं सभी को हमें अपने संगठन से जोड़ना है।
पत्र नहीं लिखता तो भी आरोप लगाते
गडकरी ने कहा कि विदर्भ में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। अगर इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा होता तो उन पर आरोप लगाया जाता कि उनके क्षेत्र में किसान मर रहे हैं फिर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा। अब कुछ कहा है तो उस पर भी कांग्रेस को तकलीफ हो रही है।
महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी की सरकार है। गोशीखुर्द परियोजना का ठेका इन्हीं लोगों ने दिया है। परियोजना को पूरा करने में देरी इनकी वजह से हो रही है। देरी के कारण 900 करोड़ रुपये की इस परियोजना की लागत अब 14000 करोड़ रुपये हो गई है। मैंने सिर्फ इस परियोजना को जल्द पूरा करने को पत्र लिखा तो कांग्रेस मेरे पीछे पड़ गई।