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मोदी को रोकने के लिए हाथ मिलाएंगे कांग्रेस और लेफ्ट!

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बीजेपी और नरेंद्र मोदी को सत्ता से बाहर रखने के लिए सेक्युलर फ्रंट के गठन का तानाबाना बुना जाना शुरू हो गया है।
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वर्ष 2004 की तरह फिर से गैरबीजेपी धर्मनिरपेक्ष मोर्चा की संभावनाएं टटोले जाने की कांग्रेस की महज 24 घंटे पुरानी कोशिशों का माकपा ने सकारात्मक जवाब दिया है।

हालांकि कांग्रेस चाहती है कि चुनाव बाद वाम दलों के साथ अन्य गैरबीजेपी दल उसके नेतृत्व में बनने मोर्चे को समर्थन दें, जबकि माकपा इसके उलट गैरकांग्रेस-गैरबीजेपी दलों की अगुवाई में बनने वाले संभावित सेक्युलर फ्रंट के लिए कांग्रेस का समर्थन चाहती है।
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एंटनी ने की थी अपील

रविवार को रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता में आने से रोकने के लिए वाम दलों सहित अन्य गैरबीजेपी दलों से कांग्रेस के नेतृत्व में बनने वाले मोर्चे को समर्थन देने की अपील की थी।

इसके जवाब में माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा है कि बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए वह कांग्रेस का समर्थन लेने को तैयार हैं।

उधर, केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने अमर उजाला से बातचीत में यह कह कर वाम दलों से निकटता बढ़ाने की पहल का संकेत दिया है कि जनकल्याण संबंधी नीतियों के मामले में कांग्रेस का दृष्टिकोण वाम झुकाव की ओर ही रहा है।

जयराम के अनुसार गरीब और आम आदमी का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण कांग्रेस की आर्थिक नीति की बुनियाद रही है।

छह साल बाद सामान्य होंगे रिश्ते

आम चुनाव में बीजेपी की बढ़त के अनुमानों के बीच वर्ष 2008 में अमेरिका से परमाणु करार के सवाल पर अलग-अलग रास्ता अपनाने वाले कांग्रेस और वाम दल करीब छह साल बाद रिश्ते नरम करने की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।

वैसे भी कांग्रेस ने हाल में जारी घोषणा पत्र में अमेरिका के संबंध में अपनाई जाने वाली विदेश नीति पर साधी गई चुप्पी को वाम दलों से रिश्ते बेहतर करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

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पकाश करात ने लगी दी मुहर

उल्लेखनीय है कि एंटनी की अपील के महज 24 घंटे बाद ही माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा है कि अगर चुनाव बाद सेक्युलर फ्रंट बनता है तो उन्हें कांग्रेस से समर्थन लेने में कोई ऐतराज नहीं है।

मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावनाओं को नकारते हुए करात ने कहा कि चुनाव के बाद कांग्रेस के सामने गैरबीजेपी-गैरकांग्रेस दलों के सेक्युलर फ्रंट का समर्थन करना मजबूरी होगी।

इस दौरान करात ने वर्ष 1996 में कांग्रेस के समर्थन से बनी संयुक्त मोर्चा की सरकार के गठन का जिक्र भी किया।
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