फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महारैली में राहुल गांधी ने बदला अवतार

Sun, 04 Nov 2012 09:03 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
रामलीला मैदान की महारैली में उतरे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का अंदाज रविवार को किसी राजनेता जैसा कम और सामाजिक कार्यकर्ता जैसा अधिक था। उन्होंने खुद ही देश के राजनीतिक व्यवस्था की बखिया उधेड़ी।
विज्ञापन


राहुल ने व्यवस्था के कुलीन चरित्र पर चोट करते हुए कहा कि इस देश की सबसे बड़ी समस्या है कि आम आदमी के लिए राजनीतिक व्यवस्था के दरवाजे बंद हैं। इस तंत्र में आम युवा के सपनों को ठोकर मार कर गिरा दिया जाता है। राहुल ने बदलाव की वकालत करते हुए कहा कि कोई यह राह खोले या न खोले मगर आम आदमी के राजनीति में आने के लिए वे कांग्रेस के दरवाजे जरूर खोलेंगे।

कांग्रेस की महारैली में सरकार के आर्थिक सुधारों-एफडीआई का समर्थन करते हुए जब राहुल गांधी ने राजनीतिक तंत्र की बात शुरू की तो नेता से सामाजिक कार्यकता का अवतार धारण कर लिया। राहुल ने कहा कि अपने आठ साल से ज्यादा के सक्रिय राजनीतिक अनुभव के आधार पर वे यह बात कह रहे हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वर्षों से राजनीतिक व्यवस्था को देख रहे हैं और जो थोड़ी समझ उन्हें आई है उसके आधार पर उनका मानना है कि हमारी सबसे बड़ी समस्या है कि राजनीतिक व्यवस्था कमजोर-आम आदमी के लिए बंद है। व्यवस्था से संघर्ष में राजनीतिक पार्टियां आम आदमी की कोई मदद नहीं करतीं।

राहुल ने कहा कि जो लोग सिस्टम को चलाते हैं वे एक-दूसरे पर पत्थर फेंकने में मशगूल हैं। आम आदमी ठोकर खाता रहता है। जब तक आम युवाओं और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक व्यवस्था के अंदर नहीं लाया जाएगा तब तक देश नहीं बदल सकता।

कांग्रेस के बुजुर्ग और युवा मंत्रियों-नेताओं को इस बदलाव के लिए तैयार रहने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भी अपने बंद दरवाजे खोलना है। कार्यकर्ताओं की बात सुननी-समझनी है। कांग्रेस ही राजनीतिक व्यवस्था के बंद दरवाजे खोल सकती है। कोई दूसरी पार्टी नहीं। राहुल ने कहा कि हमें संगठन में ऐसे लोगों को आगे बढ़ाना होगा क्योंकि युवा बदलाव चाहते हैं और उनके अपने सपने हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें