बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में अधिकार रैली को संबोधित किया। रैली में बड़ी तादाद में जदयू समर्थक शामिल हुए।
इस मौके पर नीतीश ने केंद्र सरकार से बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि वे हक की लड़ाई में कामयाब होंगे। उन्होंने केंद्र पर बिहार की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। वहीं, जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि जब-जब बिहारियों ने करवट ली है, तब-तब इतिहास बदला है।
गांधी मैदान में आयोजित जनता दल यू की अधिकार रैली को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि केंद्र लगातार बिहार की अनदेखी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने का कई बार वक्त मांगा था, परंतु उन्हें वक्त नहीं दिया गया।
इसके लिए उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अब बदलाव का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों को विशेष दर्जा दिया गया है वहां आर्थिक प्रगति हुई है और हमारे राज्य की स्थिति तो विशेष दर्जा प्राप्त राज्यों से भी बदतर है। उन्होंने कहा कि इस बदतर हालत की जिम्मेदारी किसकी है।
शरद यादव ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार अपने अधिकारों के लिए खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि जब जब बिहार में बदलाव आया है, देश का इतिहास बदल गया है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यवासियों को बिहार के हक की लड़ाई के लिए आगे आना होगा।
नीतीश ने इस रैली के जरिए राज्य में अपनी शक्ति का भी प्रदर्शन किया। यह रैली बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए की जा रही है, लेकिन इसके कई सियासी मायने भी हैं। यह रैली इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नीतीश लगभग 18 वर्षो के बाद पटना में अपनी रैली कर रहे हैं।