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अब महंगे प्याज के भी पड़ गए लाले!

Sat, 22 Aug 2015 10:30 AM IST
सुरेंद्र मिश्र/अमर उजाला, मुंबई
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महाराष्ट्र में प्याज की खेती के लिए मशहूर नासिक में ही प्याज के लाले पड़ गए हैं। नासिक के कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) में किसानों से 5300 से लेकर 5600 रुपये कुंतल की दर से प्याज की खरीददारी की जा रही है।
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ट्रेडर्स जिस दाम पर किसानों से खरीदी कर रहे हैं, उसी के हिसाब से प्याज बेच भी रहे हैं। जमाखोर और ट्रेडर्स प्याज की कमी दिखाकर मोटा मुनाफा कमाने की फिराक में हैं, जबकि 99 फीसदी किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

अभी जिस तरह के हालात हैं उसके मुताबिक आने वाले दिनों में प्याज की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक भी हो सकती है। नासिक व आसपास के क्षेत्रों में जहां प्याज की सबसे ज्यादा पैदावार होती है, वहां के किसानों के पास प्याज खत्म हो चुकी है।
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गहरा सकता है संकट

कुछ बड़े किसानों के पास से प्याज की खरीददारी की जा रही है, लेकिन वह काफी कम मात्रा में है। इससे मुंबई में भी 65 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर प्याज बेची जा रही है।

महाराष्ट्र में अस्थायी वैरायटी की लाल प्याज की खेती मानसून की बेरुखी के चलते पिछड़ गई है। इससे सितंबर महीने में तैयार होने वाली प्याज बाजार में नहीं आ पाएगी। बीते सात जून के बाद प्याज उत्पादक क्षेत्रों में ढंग की वर्षा नहीं हुई है।

यदि यही स्थिति बनी रही तो संकट गहरा सकता है। महाराष्ट्र में हर साल एक लाख 80 हजार टन प्याज का उत्पादन होता है और इतना ही सितंबर महीने में अस्थायी किस्म के प्याज की पैदावार होती है।
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दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना ने नासिक से खरीदा प्याज

महाराष्ट्र के नासिक आदि इलाके में एक अगस्त को अस्थायी किस्म की प्याज लगाई जाती है और सितंबर के अंतिम सप्ताह तक यह प्याज तैयार हो जाती है।

नासिक प्याज उत्पादक किसान संगठन के अध्यक्ष भागवत सोनावने ने बताया कि लाल प्याज की हिस्सेदारी कुल प्याज उत्पादन में 10 फीसदी है। समय पर इसकी पैदावार होने से पूरे देश में दो महीने के लिए यह प्याज पर्याप्त होती है।

दिल्ली की सरकार ने प्याज के भाव बढ़ने से पहले ही नासिक में प्याज की सबसे बड़ी मंडी लासलगांव से 10 हजार कुंतल प्याज की सीधे खरीदी की है। इससे अब दिल्ली सरकार सब्सिडी देकर जनता को सस्ते भाव में प्याज बेचेगी। भागवत सोनवने ने बताया कि इसी तरह तमिलनाडु और तेलंगाना सरकार ने भी 10-10 कुंतल प्याज सीधे नासिक की मंडी से खरीदा है।

वहीं, केंद्र सरकार ने भी ऐसी चीजों को कंट्रोल में रखने के लिए पांच हजार करोड़ का बजट प्रावधान किया है। केंद्र सरकार ने भी नाफेड के माध्यम से प्याज की खरीदी की है लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि नाफेड ने कब और कितनी प्याज नासिक से खरीदकर अपने गोदामों में रखी है।
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