बस्तर में कांग्रेस की यात्रा पर हुए नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस के नेता महेंद्र कर्मा के पुत्र दीपक कर्मा ने नक्सली हमले में किसी अंदरूनी व्यक्ति के मिले होने की बात कही है।
दीपक कर्मा ने कहा की नक्सली कांग्रेस की यात्रा के बारे में बिना अंदर की जानकारी के इतना बड़ा हमला नहीं कर सकते थे। यात्रा को लेकर पूरी जानकारी रखने वाले ने ही यह काम किया है।
इलाहाबाद में अपने पिता की अस्थियों को संगम पर विसर्जित करने आए दीपक ने कहा कि नक्सलियों के सुनियोजित हमले को देखकर लगता है कि वह कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को ही मारना चाहते थे।
25 मई को हुआ था हमला
उल्लेखनीय है कि दरभा घाटी में 25 मई को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुए नक्सली हमले में कांग्रेस के आदिवासी नेतस महेंद्र कर्मा सहित कई प्रमुख नेता मारे गए थे।
दीपक ने बताया कि अधिकतर वे अपने पिता की सुरक्षा व्यवस्था देखते थे और उनके साथ रहते थे। इस बार वे अपने पिता के साथ नहीं थे। यात्रा को सुकमा से चित्रकूट की ओर जाना था और दीपक उनसे चित्रकूट में मिलने वाले थे।
उन्होंने कहा कि इस तरह कत्लेआम करने वाले आदिवासियों के मददगार नहीं हो सकते। उन्होंने बताया कि नक्स्लवादी सीआरपीएफ जवानों और मेरे पिता की घड़ी, सोने की चेन और अन्य समान ले गए।
रमन सिंह सरकार भी दोषी
साथ ही दीपक ने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री रमन सिंह पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि उन्होंने मेरे पिता के साथ धोखा किया और उनका इस्तेमाल कर छोड़ दिया।
कर्मा परिवार को एक हफ्ते में गांव छोड़ने की माओवादियों की धमकी पर दीपक ने बताया कि वे कहीं नहीं जाने वाले हैं और उनके परिवार को इस तरह की धमकियों की आदत है।